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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:20 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार में संभावित बाढ़ से पहले सतर्क हुई सरकार, तटबंधों की रात में भी होगी निगरानी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बिहार में संभावित बाढ़ से पहले सतर्क हुई सरकार, तटबंधों की रात में भी होगी निगरानी

पटना। बिहार में संभावित बाढ़ को देखते हुए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बिहार में संभावित बाढ़ से पहले सरकार सतर्क हो गई है। इस बीच, तटबंधों की रात में भी निगरानी के निर्देश दिए हैं।

गुरुवार को उपमुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष सभी कटाव निरोधक कार्य एक सप्ताह के भीतर हर हाल में पूरे किए जाएं तथा तटबंधों की नियमित निगरानी के साथ रात्रिकालीन औचक निरीक्षण भी सुनिश्चित किया जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में सभी बाढ़ परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं से क्षेत्रवार तैयारियों की समीक्षा की गई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य बाढ़ के मौसम में प्रवेश कर चुका है, इसलिए किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जानी चाहिए।

उन्होंने बताया कि अधिकांश कटाव निरोधक कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि शेष कार्यों को अगले एक सप्ताह में पूरा करने का निर्देश दिया गया है। चौधरी ने कहा कि मुख्य अभियंता सप्ताह में कम से कम दो बार रात के समय औचक निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि संबंधित अभियंता एवं श्रमिक कार्यस्थल पर कैंप कर रहे हों। साथ ही संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों पर हटमेंट, प्रकाश व्यवस्था तथा बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों के लिए आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध रहे।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नदियों के जलस्तर में वृद्धि का इंतजार किए बिना अभी से सभी संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह बाद मुख्यालय और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर तैयारियों और सामग्री भंडारण का सत्यापन करेगी।

उपमुख्यमंत्री ने तटबंधों पर अतिक्रमण मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने, वर्षा के दौरान दिखाई नहीं देने वाले रैट होल्स एवं फॉक्स होल्स की समय रहते मरम्मत कराने तथा आपात स्थिति में सामग्री की त्वरित आपूर्ति के लिए पहुंच मार्गों को दुरुस्त रखने का भी निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि बाढ़ का यह समय सभी अधिकारियों की कार्यक्षमता की परीक्षा है। बेहतर काम करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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