मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:18 · नई दिल्ली संस्करण

स्वास्थ्य सचिव बोले- चारधाम यात्रा सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार और प्रशासन चौकस

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

रुद्रप्रयाग/देहरादून,। उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में इस वर्ष श्रद्धालुओं की

संख्या में बेहताशा वृद्धि देखी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

के नेतृत्व में सहजता से यात्रा प्रबंध करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सुरक्षा, सुविधा और सुव्यवस्था के तीन स्तंभों पर केंद्रित एक व्यापक योजना

लागू की गई है, जो भक्तों के लिए चारधाम यात्रा सुगम बनाएगी।

मुख्यमंत्री

धामी के मार्गदर्शन में प्रशासन किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए

तैयार है। जमीनी स्तर पर लागू किए गए नए उपाय चारधाम यात्रा के अनुभव को

काफी हद तक बढ़ाएंगे। रुद्रप्रयाग जिले के प्रभारी सचिव स्वास्थ्य सचिव डॉ.

आर. राजेश कुमार ने रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन सहित पुलिस, आपदा प्रबंधन,

परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ पहली बैठक के बाद उन प्रमुख क्षेत्रों

की पहचान की जिन्हें तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके बाद प्रशासन

की तैयारी को प्रभावी ढंग से बड़ी संख्या में भक्तों को संभालने के लिए कई

समीक्षा बैठकें भी कीं। चूंकि यह क्षेत्र बरसात में भूस्खलन के लिए

संवेदनशील है। आपदा प्रबंधन शीर्ष प्राथमिकता है। सिंचाई विभाग के पास

जेसीबी मशीनें और अन्य भारी उपकरण तैयार हैं, जो शीघ्रता से भूस्खलन को साफ

कर सकते हैं, जैसे सिरोबगड़। ये मशीनें 24/7 स्टैंडबाय पर हैं। एक समर्पित

टीम उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की निगरानी कर रही है, ताकि तेजी से

प्रतिक्रिया दी जा सके और व्यवधानों को कम किया जा सके।

प्रभारी

सचिव ने कहा कि हम प्रारंभिक चरण में बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं की

वजह से चुनौती का सामना कर रहे हैं, लेकिन यह बेहतर योजना, तैयारी और

निष्पादन के माध्यम से उन्हें बेहतर सेवा देने का एक अवसर भी प्रदान करता

है।

रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन, एसएसपी रुद्रप्रयाग और अन्य

जिलाधिकारियों के साथ मिलकर वाहनों के बढ़ते प्रवाह को संभालने के लिए

सरकारी जनशक्ति को जुटाया गया है। नए पार्किंग क्षेत्रों का निर्माण किया

गया है, और मौजूदा लोगों का विस्तार व्यवस्थित किया गया है, ताकि भीड़-भाड़

से बचा जा सके।

प्रशिक्षित पुलिस अधिकारी यातायात के प्रवाह को

प्रबंधित कर रहे हैं और भक्तों को पार्किंग स्थान खोजने में सहायता कर रहे

हैं। हेलीकॉप्टर सेवाओं को स्पष्ट समय सारिणी और बुकिंग प्रणाली के साथ

बेहतर बनाया गया है, ताकि भीड़-भाड़ और प्रतीक्षा समय को कम किया जा सके।

सभी की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सख्त सुरक्षा जांच भी लागू

की गई है।

भक्तों के स्वास्थ्य के लिए स्वच्छता बनाए रखना

महत्वपूर्ण है। मार्ग के साथ अतिरिक्त शौचालय जैसी स्वच्छता सुविधाएं

स्थापित की गई हैं। एक समर्पित टीम नियमित रूप से इन सुविधाओं की सफाई और

रख-रखाव करती है। खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भोजनालयों में

नियमित निरीक्षण किए जाते हैं और केवल प्रमाणित विक्रेताओं को संचालित करने

की अनुमति दी जाती है, यह सुनिश्चित करते हुए कि भोजन सुरक्षित और पौष्टिक

हो।

यात्रा मार्ग पर चिकित्सा पोस्ट स्थापित किए गए हैं, जो

आवश्यक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित हैं और योग्य कर्मियों द्वारा संचालित

हैं। एम्बुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा टीमें तुरंत सहायता प्रदान करने के

लिए स्टैंडबाय पर हैं। केदारनाथ ले जाने के लिए खच्चरों का उपयोग आवश्यक

है, इसलिए खच्चरों को स्वस्थ और फिट रखने के लिए विशेष पशु चिकित्सा सेवाएं

प्रदान की जा रही है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें