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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:14 · नई दिल्ली संस्करण

गूगल ने AI टूल्स और पार्टनरशिप का किया ऐलान

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
गूगल ने AI टूल्स और पार्टनरशिप का किया ऐलान

बेंगलुरु। अमेरिकी टेक दिग्गज गूगल ने भारत के डेवलपर्स, स्टार्टअप्स, एंटरप्राइजेज और शैक्षणिक संस्थानों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी कई नई पहलों की घोषणा की है। इन कदमों का उद्देश्य भारत के तेजी से बढ़ते एआई इकोसिस्टम को मजबूत करना और नवाचार को बढ़ावा देना है।

बेंगलुरु में आयोजित 'गूगल आई/ओ कनेक्ट इंडिया 2026' सम्मेलन के दौरान कंपनी ने एआई शिक्षा कार्यक्रम, हेल्थकेयर सहयोग, साइबर सुरक्षा पहल और भारतीय कंपनियों के लिए अपने एआई मॉडल के उपयोग को आसान बनाने हेतु इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की घोषणा की।

गूगल ने यह भी बताया कि गूगल प्ले स्टोर और एंड्रॉइड इकोसिस्टम ने वर्ष 2025 में भारत में ऐप पब्लिशर्स और व्यापक अर्थव्यवस्था के लिए अनुमानित 5.3 लाख करोड़ रुपये (करीब 60 अरब डॉलर) का राजस्व उत्पन्न किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 28 प्रतिशत अधिक है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि गूगल ने सर्च, एंड्रॉइड, यूट्यूब, मैप्स और गूगल प्ले जैसे उत्पादों के माध्यम से भारत में इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं के विस्तार में अहम भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा, "गूगल ने छात्रों के सीखने का तरीका, कारोबार के बढ़ने का तरीका, सरकारों की सेवा देने की प्रक्रिया और अरबों लोगों के ज्ञान तक पहुंचने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। यह एक असाधारण योगदान है।

मुख्य घोषणाओं में गूगल डीपमाइंड ने एआई रिसर्च फाउंडेशन्स नामक एक 56 घंटे का मुफ्त प्रशिक्षण कार्यक्रम लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य शिक्षार्थियों को लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) तैयार करने और उन्हें फाइन-ट्यून करने का प्रशिक्षण देना है।

इस कार्यक्रम को नैसकॉम, भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएस), बेंगलुरु और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से शुरू किया जाएगा।

गूगल इंडिया की कंट्री मैनेजर प्रीति लोबाना ने कहा कि भारत के डेवलपर्स दुनिया के अधिकांश देशों की तुलना में कहीं अधिक तेजी से एआई का उपयोग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे दुनिया एजेंटिक एआई के दौर में प्रवेश कर रही है, हमारा फोकस ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने पर है, जिससे पूरा एआई इकोसिस्टम सुरक्षित तरीके से बड़े स्तर पर विकसित हो सके।"

गूगल ने अटल इनोवेशन मिशन के तहत शिक्षकों के लिए जेमिनी एआई पर आधारित 'एटीएल साथी' नामक एआई सहायक भी लॉन्च किया है। शुरुआती चरण में इसे देश के 100 स्कूलों में लागू किया जाएगा।

हेल्थकेयर क्षेत्र में गूगल ने बताया कि एम्स दिल्ली के शोधकर्ता कंपनी के मेडजेमा ओपन एआई मॉडल का उपयोग कर कुष्ठ रोग और यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े भारत-केंद्रित एआई टूल विकसित कर रहे हैं।

इन परियोजनाओं से विकसित एआई मॉडल बाद में भारत के डेवलपर समुदाय के लिए भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

गूगल ने यह भी घोषणा की कि जेमिनी लाइव अब 25 भारतीय भाषाओं और बोलियों का समर्थन करता है।

इनमें संस्कृत, भोजपुरी और मैथिली जैसी भाषाएं भी शामिल हैं, जिससे अधिक भारतीय उपयोगकर्ता अपनी मातृभाषा में एआई का लाभ उठा सकेंगे।

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