मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:19 · नई दिल्ली संस्करण

शोध: दिल व दिमाग के साथ लंबी आयु के लिए भी जरूरी है अच्छी नींद

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

चेन्नई,

26 फरवरी। अच्छी नींद के फायदे अनेक हैं। हाल ही में हुए शोध में

यह बात सामने आई है कि दिल और दिमाग के साथ-साथ अच्छी नींद लंबी उम्र के

लिए भी जरूरी है। इस अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि किसी रोग से

ग्रसित व्यक्ति का खराब नींद का पैटर्न उसके जान के जोखिम को बढ़ा देता है।

अमेरिकन

कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी एवं वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ कार्डियोलॉजी संयुक्त

अध्ययन के अनुसार, अच्छी नींद दिल और दिमाग ही नहीं बल्कि दीर्घायु या

समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखने में भूमिका निभाती है। यह उम्र बढ़ाने में भी

बेहद सहायक है। अध्ययन में पाया गया कि जिनकी नींद की आदतें अधिक लाभकारी

हैं, उनकी मौत की आशंका कम होती है। इसके अलावा, आंकड़ों से पता चलता है कि

किसी भी कारण से होने वाली लगभग 8 फीसदी मौतों का कारण खराब नींद पैटर्न

हो सकता है। 27वां कांग्रेस आफ यूरोपीयन स्लिप रिसर्च सोसायटी द्वारा

"स्लीप यूरोप-2024" का आयोजन स्पेन में 24 से 27 सितंबर 2024 को आयोजित

होगा जिसमें मनुष्य के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए नींद की महत्ता

पर ग्लोबल रिसर्च की चर्चा होगी।

बेथ इज़राइल डेकोनेस में इंटरनल

मेडिसिन रेजिडेंट डॉ फ्रैंक कियान ने बताया, "हमने एक सुनिश्चित डाइट का

प्रभाव और उच्च गुणवत्ता की नींद के प्रभाव का अध्ययन किया। अच्छी नींद से

हृदय संबंधी समस्याएं कम होती हैं जिससे मृत्यु दर में बेहद कमी आती है।"

अध्ययन

के दौरान डॉ कियान और टीम ने 172,321 लोगों से जानकारी प्राप्त की जिनकी

औसत आयु 50 वर्ष थी। इनमें 54% महिलाएं शामिल थी। वर्ष 2013 से 2018 के बीच

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण के दौरान जो आंकड़े एकत्रित हुए वह चौका

देने वाले थे। इस अध्ययन में डॉ. कियान ने नींद की गुणवत्ता पर विशेष

ध्यान दिया जिसमें नींद के प्रकार और नींद की आदतों के बारे जानकारी शामिल

किया गया। उनके इस अध्ययन में नींद की अवधि का सहबंध जीवन अवधि को कैसे

प्रभावित करती है।

पिछले अध्ययनों से पता चला है कि बहुत कम या बहुत

अधिक नींद लेने से हृदय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। अनिद्रा एक ऐसा

विकार है जिसके कारण स्लीप एपनिया की भी समस्या हो सकती है । इसमें कोई

व्यक्ति सोते समय सांस रोक सकता है या रुक सकता है तो ऐसे ही स्थिति में

उच्च रक्तचाप, अलिंद फिब्रिलेशन और दिल के दौरे सहित कई स्थितियां उत्पन्न

हो सकती है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें