जनवरी-मार्च की तिमाही में 7.8 फीसदी रही देश की जीडीपी
नई
दिल्ली, । देश की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2023-24 की
(जनवरी-मार्च) चौथी तिमाही में सालाना आधार पर 7.8 फीसदी की दर से बढ़ी है।
इसके साथ ही पूरे वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर
बढ़कर 8.2 फीसदी रही है।
सांख्यिकी और कार्यक्रम
कार्यान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से
शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक 31 मार्च, 2024 को समाप्त चौथी तिमाही
में जीडीपी वृद्धि दर 7.8 फीसदी रही है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की
समान तिमाही में 6.2 फीसदी थी। देश की अर्थव्यवस्था (अक्टूबर-दिसंबर) तीसरी
तिमाही में 8.6 फीसदी की उच्च दर से बढ़ी थी। हालांकि, चौथी तिमाही में
जीडीपी वृद्धि दर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के अनुमान 6.9 फीसदी के
पार पहुंच गई है।
एनएसओ के आंकड़ों के मुताबिक पूरे वित्त
वर्ष 2023-24 में देश की जीडीपी 8.2 फीसदी की दर से बढ़ी है। इससे पिछले
वित्त वर्ष 2022-23 में जीडीपी वृद्धि दर सात फीसदी रही थी। हालांकि, एनएसओ
ने अपने दूसरे अग्रिम अनुमान में बीते वित्त वर्ष 2023-24 के लिए जीडीपी
वृद्धि दर 7.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। गौरतलब है कि जीडीपी निश्चित
अवधि में देश की भौगोलिक सीमा के भीतर उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं
के कुल मूल्य को बताती है।




