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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:34 · नई दिल्ली संस्करण

गयाजी: स्टाइपेंड बढ़ोतरी की मांग पर मगध मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल, ओपीडी सेवाएं ठप

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
गयाजी: स्टाइपेंड बढ़ोतरी की मांग पर मगध मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल, ओपीडी सेवाएं ठप

गयाजी। बिहार के मगध प्रमंडल का सबसे बड़ा और इकलौता सरकारी अस्पताल अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल (एएनएमसीएच) में इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल के कारण इलाज प्रभावित हो गया है। इंटर्न डॉक्टरों ने अपने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से ठप कर दी हैं। हालांकि, मरीजों की गंभीर जरूरतों को देखते हुए इमरजेंसी सेवाएं चालू रखी गई हैं।

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें फिलहाल 20 हजार रुपए का स्टाइपेंड दिया जाता है, वह भी नियमित रूप से नहीं मिल रहा है। डॉक्टरों ने मांग की है कि स्टाइपेंड को 20 हजार से बढ़ाकर 40 हजार रुपए किया जाए। उन्होंने बताया कि देश के अन्य राज्यों, जैसे पश्चिम बंगाल और ओडिशा में इंटर्न डॉक्टरों को 40 से 43 हजार रुपए तक का स्टाइपेंड दिया जा रहा है।

इंटर्न डॉक्टर आर्य अशोक, डॉ. अंकिता और डॉ. हिमांशु कुमार ने एक सुर में कहा कि हम लोगों ने अस्पताल अधीक्षक, वरीय पदाधिकारियों से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक अपनी मांग रखी। कई बार आवेदन भी दिया, मुलाकात भी की, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला। वास्तविक वृद्धि अब तक नहीं हुई। मजबूर होकर हम लोग ओपीडी सेवाएं बंद कर हड़ताल पर बैठे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि हड़ताल के कारण इमरजेंसी सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ गया है। रोस्टर ड्यूटी से अलग अतिरिक्त डॉक्टरों को भी काम करना पड़ रहा है। हमारी सिर्फ एक ही मांग है कि स्टाइपेंड को 40 हजार रुपए किया जाए। जब तक यह मांग पूरी नहीं होगी, हम लोग हड़ताल जारी रखेंगे।”

हड़ताल की वजह से अस्पताल आने वाले मरीजों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। हरी लाल केशरी ने बताया कि वह अपनी पत्नी का इलाज कराने आए थे। एक्स-रे तो हो गया था लेकिन रिपोर्ट लेने आए तो डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से दिक्कत हो रही है। ओपीडी बंद होने से मरीजों को बहुत परेशानी हो रही है।

इंटर्न डॉक्टर आर्य अशोक ने कहा कि मरीजों की ज़रूरत को देखते हुए इमरजेंसी सेवाएं बंद नहीं की गई हैं। हालांकि, वहां पर भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार हमारी मांग पूरी करे तभी हड़ताल समाप्त होगी।

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