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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:55 · नई दिल्ली संस्करण

अमेरिकी कोर्ट के फैसले पर बोले गौतम अदाणी, देश के लिए निर्माण जारी रहेगा

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
अमेरिकी कोर्ट के फैसले पर बोले गौतम अदाणी, देश के लिए निर्माण जारी रहेगा

वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने अमेरिकी अदालत द्वारा उनके, सागर अदाणी और सहयोगी विनीत जैन के खिलाफ सभी आपराधिक आरोप खारिज किए जाने के बाद इस फैसले का "न्यायिक प्रक्रिया के प्रति विनम्रता और गहरे सम्मान" के साथ स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे कठिन दौर में उनका विश्वास सच, निष्पक्षता और कानून के शासन पर कभी कम नहीं हुआ।

अमेरिका के न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले की जिला अदालत के न्यायाधीश निकोलस गाराउफिस ने सोमवार को अदाणी समूह के खिलाफ दर्ज सिक्योरिटीज फ्रॉड और वायर फ्रॉड से जुड़े सभी आपराधिक आरोपों को स्थायी रूप से खारिज कर दिया।

फैसले के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए गौतम अदाणी ने कहा, "हम विनम्रता और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गहरे सम्मान के साथ इस फैसले का स्वागत करते हैं। इस चुनौतीपूर्ण अवधि के दौरान सच, निष्पक्षता और कानून के शासन में हमारा विश्वास अडिग रहा।"

उन्होंने उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस पूरे मामले के दौरान उन पर और न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखा।

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन ने कहा, "मैं उन सभी लोगों का हृदय से धन्यवाद करता हूं जिन्होंने हम पर, न्याय व्यवस्था पर और न्याय दिलाने की भारत की क्षमता पर अपना विश्वास बनाए रखा।

" इस बीच, अदालत ने अदाणी समूह और अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) के बीच हुए समझौते को भी अंतिम रूप दे दिया, जिसके तहत अदाणी पक्ष अमेरिकी सरकार को 1.8 करोड़ डॉलर (18 मिलियन डॉलर) का भुगतान करेगा और इसके साथ नागरिक (सिविल) प्रतिभूति धोखाधड़ी से जुड़े मामले का निपटारा हो जाएगा।

गौतम अदाणी ने कहा कि यह फैसला उनकी प्राथमिकताओं को नहीं बदलेगा और समूह देश के विकास में योगदान देने के अपने उद्देश्य पर केंद्रित रहेगा।

उन्होंने लिखा, "हम वही करते रहेंगे जो सबसे अधिक महत्वपूर्ण है, अपने देश के लिए निर्माण करना, ऐसा मूल्य सृजित करना जो हमारे बाद भी कायम रहे और अपने से बड़े उद्देश्य की सेवा करना। यही हमारी प्रतिबद्धता है।"

गौरतलब है कि पिछले महीने अमेरिकी न्याय विभाग ने भी अदालत में दाखिल एक दस्तावेज में कहा था कि इस मामले से जुड़े निवेशकों को कोई वित्तीय नुकसान नहीं हुआ। विभाग ने तर्क दिया था कि निवेशकों को नुकसान न होने का तथ्य अभियोजन पक्ष के मामले को कमजोर करता है और आपराधिक आरोप हटाने के निर्णय को मजबूत बनाता है।

न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में दाखिल विस्तृत दस्तावेज में अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा था कि मामले की सबसे बड़ी कमजोरियों में से एक यह है कि निवेशकों को किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान नहीं हुआ।

अदालती दस्तावेज में कहा गया था, "इस मामले से जुड़े प्रतिभूति साधनों में निवेश करने वाले किसी भी निवेशक का एक भी पैसा नहीं डूबा है।"

फाइलिंग में कहा गया कि मामले में शामिल चार नोट्स में से दो का भुगतान पूरी तरह किया जा चुका है, जबकि बाकी दो के भुगतान भी नियमित रूप से हो रहे हैं और भविष्य में किसी बदलाव के संकेत नहीं हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी अदालत का यह फैसला अदाणी ग्रुप के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी राहत है, जिससे समूह की वैश्विक कारोबारी छवि और निवेशकों के विश्वास को मजबूती मिलेगी, खासकर ऐसे समय में जब अदाणी समूह ऊर्जा, बंदरगाह, हवाई अड्डे, बुनियादी ढांचे और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहा है।

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