वैज्ञानिक पद्धति से हो रही गुवाहाटी का कचरा निपटान की व्यवस्था-अशोक सिंघल
गुवाहाटी,
23 फरवरी । असम सरकार के शहरी विकास मंत्री अशोक सिंघल ने कहा है
कि गुवाहाटी में कचरा निपटान की व्यवस्था वैज्ञानिक पद्धति से की जा रही
है। सरकार द्वारा 300 बीघा भूमि कचरा निपटान संबंधी मशीन आदि लगाने के लिए
अधिग्रहित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि असम अर्बन सर्विस पोर्टल
के जरिए कचरा ले जाने वाली गाड़ियों का जीपीएस मॉनिटरिंग हो रहा है। मंत्री
अशोक सिंघल शुक्रवार को असम विधानसभा के चालू बजट अधिवेशन के दौरान
गुवाहाटी स्मार्ट सिटी से संबंधित विधायक मनोरंजन तालुकदार के प्रश्नों का
उत्तर दे रहे थे। विधायक तालुकदार ने सवाल उठाया कि देश के 100 स्मार्ट
सिटी की रैंकिंग में गुवाहाटी का स्थान 97वां है। विधायक ने कहा कि
गुवाहाटी में 11 करोड़ रुपए वार्षिक मेंटेनेंस पर खर्च करके टॉयलेट और वॉटर
वेंडिंग मशीन लगाए गए थे, लेकिन आज वे कार्य नहीं कर रहे हैं। विधायक ने
पूछा कि क्या सरकार इस काम में लगी दोनों कंपनियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई
करेगी।
इसी सिलसिले में विधायक भरत नरह ने पूछा कि स्वच्छता
सर्वेक्षण में राज्य के 27 राज्यों में से गुवाहाटी का स्थान 20वां है।
जबकि, 36 राजधानी शहरों में से गुवाहाटी का स्थान स्वच्छता में 31वां है।
इस दिशा में सरकार क्या कार्य कर रही है? भरत नरह ने कहा कि सरकार ढाई साल
के कार्यकाल की बात कह रही है, जबकि भाजपा सरकार के कार्यकाल का आठ वर्ष
पूरा होने वाला है। सरकार ने इस दिशा में अब तक क्या कार्रवाई की है?
मंत्री अशोक सिंघल ने अपने उत्तर में कहा कि स्मार्ट सिटी की रैंकिंग में
97वें स्थान पर गुवाहाटी मार्च 2021 में था। अब गुवाहाटी का स्थान 59वां
है। उन्होंने कहा कि 24 में से 18 स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का काम संपूर्ण
हो चुका है। जून 2025 के भीतर स्मार्ट सिटी से संबंधित सभी परियोजनाओं का
कार्य पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आज भी गुवाहाटी कोच्चि, गांधीनगर,
रायपुर आदि जैसे शहरों से स्वच्छता के मामले में ऊपर है। उन्होंने कहा कि
शुरुआती दौर में इस दिशा में काम नहीं हुआ था। इस बार जब सर्व होगा तो
गुवाहाटी की स्थिति और बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि गुवाहाटी में कचरा आज
की समस्या नहीं है। इसके लिए जनता को भी जागरूक करना पड़ेगा। मंत्री ने कहा
कि सिर्फ सरकार सब कुछ नहीं कर सकती है। जनता को इस दिशा में एक संदेश
जाना चाहिए। गुवाहाटी नगर निगम इसके लिए अलग से बना हुआ है। जहां, मेयर,
डिप्टी मेयर तथा 60 सदस्य होते हैं। सभी अपने-अपने तरीके से कार्य कर रहे
हैं। मंत्री सिंघल ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में कोई भ्रष्टाचार
नहीं हुआ है। यदि कहीं हुआ है तो सख्त कार्रवाई होगी।





