तीन बच्चों के साथ गंगा तट पर हवन और स्नान के बाद उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के मुस्लिम परिवार ने अपनाया हिंदू धर्म

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से धर्मांतरण का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक मुस्लिम परिवार ने सनातन धर्म में वापसी की है। परिवार के मुखिया माहिद ने अपना नाम बदलकर मोहित रख लिया है, जबकि उनकी पत्नी शबीना अब खुशी के नाम से जानी जाएंगी। परिवार ने अपने तीन बच्चों के साथ गंगा तट पर हवन-पूजन और स्नान कर विधिवत हिंदू धर्म अपनाया है। जानकारी के अनुसार, यह परिवार पीलीभीत के जहानाबाद इलाके का रहने वाला है। परिवार का दावा है कि उनके पूर्वज हिंदू थे, जिन्होंने कई साल पहले धर्म परिवर्तन कर इस्लाम अपना लिया था। अब वे अपनी इच्छा से फिर से अपने मूल धर्म में लौटना चाहते थे।
बुधवार को परिवार हरिद्वार के गंगा तट पर पहुंचा। वहां एक मंदिर के पुजारी ने पूरे विधि-विधान के साथ उनकी घर वापसी कराई। सबसे पहले परिवार ने गंगा में डुबकी लगाकर स्नान किया। इसके बाद हवन-पूजन किया गया और जनेऊ धारण कराया गया। मंत्रोच्चार के बीच परिवार ने हिंदू धर्म के रीति-रिवाजों को अपनाने की शपथ ली। हवन के बाद परिवार के सभी सदस्यों को नया नाम दिया गया। माहिद का नाम मोहित, पत्नी शबीना का नाम खुशी रखा गया। वहीं उनके तीन बच्चों के नाम भी हिंदू रीति के अनुसार रखे गए हैं। इस दौरान परिवार ने कहा कि उन्हें किसी ने जबरदस्ती या लालच देकर धर्म परिवर्तन नहीं कराया है, यह उनका खुद का फैसला है।
मोहित (पूर्व में माहिद) ने बताया, "हमारे दादा-परदादा हिंदू थे। हमें अपने सनातन संस्कृति पर गर्व है। हम अपनी मर्जी से हिंदू धर्म में वापस आए हैं। हमें यहां आकर बहुत शांति मिल रही है। अब हम अपने बच्चों को भी हिंदू संस्कारों के साथ बड़ा करेंगे।" उनकी पत्नी खुशी (पूर्व में शबीना) ने कहा, "हिंदू धर्म में महिलाओं का बहुत सम्मान है। हमें यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। हमने अपनी खुशी से यह कदम उठाया है।" इस परिवार की घर वापसी की खबर मिलते ही स्थानीय हिंदू संगठनों के लोग गंगा तट पर पहुंच गए और परिवार का फूल-मालाओं से स्वागत किया।
संगठन के लोगों ने कहा कि जो लोग अपने मूल धर्म में लौटना चाहते हैं, उनका स्वागत है। उन्होंने परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया। मंदिर के पुजारी ने बताया कि परिवार पिछले कई दिनों से संपर्क में था और हिंदू धर्म के बारे में जानकारी ले रहा था। उन्होंने शास्त्रों का अध्ययन किया और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही धर्म परिवर्तन का फैसला किया। पुजारी ने कहा, "धर्म परिवर्तन नहीं, यह घर वापसी है। इन्होंने अपनी जड़ों को पहचाना है।" इस मामले पर पीलीभीत प्रशासन का कहना है कि उन्हें इस घर वापसी की जानकारी मिली है। यह मामला दो वयस्कों का है और उन्होंने अपनी इच्छा से यह फैसला किया है। इसमें किसी तरह का दबाव या लालच नहीं है। फिर भी प्रशासन ने कहा कि वे नियमानुसार इस मामले की जांच करेंगे।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर सख्त कानून है। अगर कोई अपनी मर्जी से धर्म बदलता है तो उसे जिला प्रशासन को शपथ पत्र देना होता है। इस परिवार ने भी प्रशासन को इसकी सूचना देने की बात कही है।फिलहाल यह परिवार हिंदू धर्म अपनाने के बाद काफी खुश है और अपने नए जीवन की शुरुआत करने जा रहा है। इस घटना के बाद इलाके में यह चर्चा का विषय बनी हुई है।
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