ट्यूशन के नाम पर बच्चों से मोदी को गाली! 'हम छोटे कॉकरोच हैं' वाली रील पर बवाल, ट्यूटर फरार

उत्तर प्रदेश के एटा जिले से एक चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां एक होम ट्यूटर पर आरोप है कि उसने ट्यूशन पढ़ने आने वाले 6 से 10 साल के मासूम बच्चों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और नफरत भरी रील्स बनवाई। वीडियो में बच्चे खुद को 'हम छोटे कॉकरोच हैं' कहते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो वायरल होते ही हंगामा मच गया। एटा पुलिस ने आरोपी ट्यूटर के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया है।
आरोपी ट्यूटर का नाम प्रतिभा है, जो इंस्टाग्राम पर 'प्रतिभा एडू स्क्वॉड' नाम से हैंडल चलाती है। बताया जा रहा है कि वह खुद को IAS बताकर गरीब परिवारों के बच्चों को ट्यूशन का लालच देकर बुलाती थी। शिकायत के मुताबिक, उसने अभी तक 1157 से ज्यादा वीडियो अपलोड किए हैं, जिसमें 3 से 10 साल तक के बच्चे शामिल हैं। एक वायरल रील में दिखता है कि बच्चे ट्यूटर से शिकायत करते हैं कि किसी की बोतल चोरी हो गई, किसी का सामान गायब है। इस पर ट्यूटर पूछती है कि ये सब चोरियां कौन कर रहा है? जवाब में बच्चों से स्क्रिप्टेड तरीके से पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक बातें बुलवाई जाती हैं। बच्चों से 'वोट चोर गद्दी छोड़', 'मोदी ने देश क्यों बेचा', 'घर में डाका किसने डाला - मोदी ने डाला' और 'हम हैं छोटे कॉकरोच' जैसे नारे लगवाए गए।
लोगों ने इसे मासूमों के कोरे दिमाग में जहर भरने और उनका ब्रेनवाश करने की साजिश बताया है। मामला तूल पकड़ते ही एटा पुलिस हरकत में आई। कोतवाली नगर में तैनात उपनिरीक्षक गगनदीप ने साइबर सेल की रिपोर्ट पर IT एक्ट और अन्य धाराओं में प्रतिभा पुत्री शिव कुमार यादव के खिलाफ केस दर्ज किया है। एटा पुलिस ने अपने X हैंडल पर बताया कि अभियोग पंजीकृत कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। आरोपी फिलहाल फरार बताई जा रही है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इस घटना को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बच्चों के अधिकारों का घोर उल्लंघन माना है। NHRC के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्वत: संज्ञान लिया है।
आयोग ने इसे बच्चों की गरिमा, निजता, मानसिक सुरक्षा और सीधे शोषण का मामला बताते हुए 4 जगह नोटिस जारी किए हैं: एटा के जिलाधिकारी, एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, Meta India के मैनेजिंग डायरेक्टर और कंट्री हेड, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं IT मंत्रालय (MeitY) के सचिव। NHRC ने सभी से 2 हफ्ते के भीतर Action Taken Report (ATR) मांगी है। साथ ही पुलिस को निर्देश दिया है कि वीडियो में दिख रहे बच्चों की पहचान कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, उन्हें बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया जाए और जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग कराई जाए। आयोग ने ये भी पूछा है कि बच्चों की वीडियो बनाने से पहले उनके माता-पिता की सहमति ली गई थी या नहीं, और इन वीडियो से कोई व्यावसायिक लाभ तो नहीं लिया जा रहा था।
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