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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:37 · नई दिल्ली संस्करण

गैलेक्सी आई का 'मिशन दृष्टि' सफलतापूर्वक लॉन्च, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
गैलेक्सी आई का 'मिशन दृष्टि' सफलतापूर्वक लॉन्च, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई

नई दिल्ली। बेंगलुरु स्थित एक निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप गैलेक्सी आई द्वारा विकसित उपग्रह मिशन दृष्टि रविवार को स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट की मदद से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। इसकी मदद से प्रतिकूल मौसम आपदा के असर, कृषि और ​​सीमा निगरानी से जुड़ी तस्वीरें प्रभावी ढंग से मिल सकेंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पोस्ट के माध्यम से गैलेक्सीआई के संस्थापकों और पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, "गैलेक्सीआई द्वारा शुरू किया गया मिशन दृष्टि अंतरिक्ष यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

विश्व के पहले ऑप्टोसार उपग्रह और भारत में निर्मित सबसे बड़े निजी उपग्रह का सफल प्रक्षेपण, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के प्रति हमारे युवाओं के जुनून का प्रमाण है।

गैलेक्सीआई के संस्थापकों और पूरी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।"

रविवार को 190 किलोग्राम वजनी मिशन दृष्टि कैलिफोर्निया से लॉन्च किया गया। यह किसी भारतीय निजी कंपनी द्वारा निर्मित अब तक का सबसे बड़ा उपग्रह है।

इस विशेष उपग्रह की विशेषता यह है कि इसमें एक ही उपग्रह पर मल्टीस्पेक्ट्रल कैमरा और सिंथेटिक एपर्चर रडार (एसएआर) इमेजर लगा हुआ है।

दृष्टि मिशन का मूल आधार ऑप्टोसार नामक एक नवीन हाइब्रिड प्रणाली है, जो एक ही प्लेटफॉर्म पर ऑप्टिकल इमेजिंग और सिंथेटिक एपर्चर रडार (एसएआर) को संयोजित करने वाली तकनीक है।

परंपरागत रूप से उपग्रह या तो ऑप्टिकल सेंसर या फिर रडार पर निर्भर करते हैं।

ऑप्टिकल सिस्टम तस्वीरों के समान विस्तृत और कलर्ड फोटो कैप्चर करते हैं, लेकिन बादल छाए रहने और अंधेरे से ये जमीनी तस्वीर स्पष्ट नहीं मिलती।

दूसरी ओर, रडार सिस्टम बादलों के पार देखने के लिए रेडियो तरंगों का उपयोग करते हैं और रात में भी काम करते हैं, हालांकि वे आमतौर पर कम स्पष्ट छवियां उत्पन्न करते हैं।

ऑप्टोसार एक ही उपग्रह में दोनों तकनीकों को एकीकृत करके इस अंतर को पाटता है।

यह एक ही बार में ऑप्टिकल और रडार डाटा को एक साथ कैप्चर करता है, फिर आउटपुट को एक एकीकृत छवि में मिला देता है।

परिणामस्वरूप हर मौसम में बादलों के रहते हुए भी पृथ्वी की अत्यंत विस्तृत तस्वीरें मिल सकेंगी। यह भारत के सबसे उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले उपग्रहों में से एक है।

इस सफल प्रक्षेपण से भारत की अंतरिक्ष यात्रा में वैश्विक साझेदारियों की बढ़ती भूमिका उजागर होती है।

स्पेसएक्स की प्रक्षेपण सेवाओं का लाभ उठाकर, भारतीय स्टार्टअप अत्याधुनिक पेलोड विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए कक्षा तक तेजी से और अधिक लचीली पहुंच प्राप्त कर रहे हैं।

मिशन दृष्टि भारत के अंतरिक्ष परिदृश्य में एक बदलाव का संकेत देता है, जो काफी हद तक सरकार के नेतृत्व से हटकर निजी नवाचार द्वारा संचालित अधिक गतिशील पारिस्थितिकी तंत्र की ओर अग्रसर है।

जैसे-जैसे गैलेक्सीआई उपग्रह की डाटा क्षमताओं को चालू करने की तैयारी कर रहा है, यह मिशन पृथ्वी पर नजर रखने के तरीके को फिर से परिभाषित कर सकता है, जिससे समय या मौसम की परवाह किए बिना स्पष्ट और अधिक विश्वसनीय जानकारी मिल सकेगी।

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