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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:19 · नई दिल्ली संस्करण

कोरबा : धान नहीं बिकने से परेशान किसान ने जहर खाकर की आत्महत्या की कोशिश

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कोरबा : धान नहीं बिकने से परेशान किसान ने जहर खाकर की आत्महत्या की कोशिश

कोरबा। कोरबा जिले में धान खरीद में अव्यवस्था एक बार फिर गंभीर परिणाम लेकर सामने आई है। धान नहीं बिकने और टोकन नहीं मिलने से परेशान एक किसान ने आत्महत्या की नीयत से जहर का सेवन कर लिया। किसान को गंभीर हालत में जिला अस्पताल कोरबा में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।पीड़ित किसान की पहचान सुमेर सिंह, निवासी ग्राम पुटा, हरदीबाजार (कोरबा जिला) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि किसान पिछले एक महीने से धान बेचने के लिए परेशान था, लेकिन न तो खरीदी केंद्र में उसका धान लिया गया और न ही उसे टोकन उपलब्ध कराया गया।किसान सुमेर सिंह का आरोप है कि फड़ प्रभारी द्वारा बार-बार आज-कल कहकर टाल दिया जा रहा था, जिससे वह मानसिक तनाव में आ गया। आर्थिक संकट और प्रशासनिक उदासीनता के चलते किसान ने यह आत्मघाती कदम उठाया।परिजनों के अनुसार, किसान ने अपनी समस्या को लेकर जनदर्शन कार्यक्रम में भी आवेदन दिया था, लेकिन वहां से भी कोई ठोस समाधान नहीं मिला। लगातार अनदेखी से किसान हताश हो गया।घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल पहुंचीं सांसद ज्योत्सना महंतघटना की सूचना मिलते ही कोरबा प्रवास पर रहीं सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत जिला अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने किसान से मुलाकात कर उसका हाल जाना और चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली। सांसद ने प्रशासनिक अधिकारियों से भी पूरे मामले की जानकारी लेकर धान खरीद व्यवस्था में लापरवाही पर नाराजगी जताई।धान खरीद व्यवस्था पर फिर उठे सवालइस घटना ने जिले में धान खरीद प्रणाली, टोकन वितरण, और फड़ प्रभारियों की भूमिका पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।

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