मध्य प्रदेश के पूर्व परिवहन आयुक्त के भाई और भतीजे पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज
महोबा
(उत्तर प्रदेश) ,18 मार्च इक्कीस करोड़ रुपये की भूमि बिक्री के
अनुबंधपत्र की शर्तों के उल्लंघन और धोखाधड़ी करने के मामले में कोतवाली
पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मध्य प्रदेश के पूर्व परिवहन आयुक्त के भाई और
भतीजों पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू
की है।
जनपद मुख्यालय के नारूपुरा निवासी चंद्रभूषण जैन पुत्र
बाबूलाल जैन के अनुसार तकियापुरा निवासी कपिल जैन और मोहम्मद नाजिर ने
मिलकर गांधीनगर कादीपुरा निवासी नवीन कुमार श्रीवास्तव, अमन कुमार, प्रशांत
कुमार श्रीवास्तव व शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव से मौजा बांके में जमीन
खरीदने का अनुबंध कराया था। एक जुलाई 2021 को भूमि विक्रय का अनुबंध पत्र
तैयार कराया और 21 करोड़ की भूमि खरीदने के लिए एक करोड़ रुपये बतौर बयाना
चेक के माध्यम से दिया गया। जिसमें 50 लाख रुपये शैलेंद्र कुमार को, 30 लाख
रुपये नवीन कुमार और 10 लाख रुपये प्रशांत कुमार और 10 लाख यशोवर्धन के
नाम से दिए गए थे।
20 माह के अंदर देनी थी शेष रकम
अनुबंध
के अनुसार 20 माह के अंदर शेष धनराशि अदा कर बैनामा कराना था। एग्रीमेंट
की शर्त के अनुसार शैलेंद्र कुमार ने एक चौथाई भूमि का बैनामा कर दिया।
लेकिन नवीन कुमार, प्रशांत, अमन व यशोवर्धन ने बार-बार कहने पर भी बैनामा
नहीं किया। अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भेजा लेकिन कोई जवाब नहीं दिया
गया।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस
21 नवंबर 2023
को पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिया गया, लेकिन मामले में कोई कार्रवाई
नहीं हुई। जिसके बाद मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट की कोर्ट में वाद दायर
किया और फिर कोर्ट के आदेश पर नवीन कुमार श्रीवास्तव व उनके बेटे अमन कुमार
व प्रशांत कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शैलेंद्र कुमार पुलिस
महानिदेशक स्तर के अधिकारी रहे हैं आरोपित नवीन उनके भाई हैं जबकि अमन व
प्रशांत भतीजे हैं।
एसआई सत्यपाल सिंह को मिली जांच
सदर
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश
पर प्रवीण श्रीवास्तव और उनके दो बेटे अमन व प्रसाद के खिलाफ धारा 419, 420
व 406 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया गया है। एसआई सत्यपाल सिंह को विवेचक
बनाया गया है।





