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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:25 · नई दिल्ली संस्करण

राजस्थान के पूर्व मंत्री महेश जोशी 960 करोड़ रुपए के जल जीवन मिशन घोटाले में गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
राजस्थान के पूर्व मंत्री महेश जोशी 960 करोड़ रुपए के जल जीवन मिशन घोटाले में गिरफ्तार

जयपुर। राजस्थान की राजनीति में गुरुवार सुबह बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने करीब 960 करोड़ रुपए के कथित जल जीवन मिशन सकाम मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार कर लिया।

अधिकारियों के मुताबिक, एसीबी डीआईजी रामेश्वर सिंह के नेतृत्व में एसआईटी की टीम सुबह करीब 5 बजे जयपुर की सैन कॉलोनी स्थित महेश जोशी के घर पहुंची और भ्रष्टाचार व पद के दुरुपयोग के आरोपों के आधार पर उन्हें हिरासत में ले लिया।

इस कार्रवाई को एसीबी की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।

यह मामला जल जीवन मिशन के तहत जारी टेंडरों में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है।

यह केंद्र सरकार की योजना है, जिसका उद्देश्य हर घर तक नल से पानी पहुंचाना है।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि श्री गणपति ट्यूबवेल और श्री श्याम ट्यूबवेल नाम की दो कंपनियों ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर टेंडर हासिल किए। ये प्रमाण पत्र कथित तौर पर इरकॉन इंटरनेशनल के नाम पर जारी किए गए थे।

जांच के अनुसार, श्री गणपति ट्यूबवेल को 859.20 करोड़ रुपए के ठेके मिले, जबकि श्री श्याम ट्यूबवेल ने 120.25 करोड़ रुपए के टेंडर कथित फर्जी तरीके से हासिल किए।

एसीबी को शक है कि महेश जोशी ने मंत्री पद का दुरुपयोग करते हुए ठेके दिलाने के बदले रिश्वत ली।

इससे पहले ईडी ने अप्रैल 2025 में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महेश जोशी को गिरफ्तार किया था। वह करीब सात महीने जेल में रहे और दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी। ताजा गिरफ्तारी एसीबी द्वारा दर्ज अलग भ्रष्टाचार मामले में हुई है।

इस जांच के दायरे में कई वरिष्ठ अधिकारी भी आ चुके हैं। पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं वित्तीय सलाहकारों, मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं समेत 22 अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

जांचकर्ताओं को ईमेल ट्रेल की जांच में अहम डिजिटल सबूत मिले हैं, जिनसे ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच कथित मिलीभगत का खुलासा हुआ है।

यह मामला पहली बार जून 2023 में राजनीतिक सुर्खियों में आया था, जब वरिष्ठ नेता किरोड़ी लाल मीणा ने अशोक नगर थाने के बाहर धरना देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।

यह मुद्दा राजस्थान विधानसभा चुनाव के दौरान बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया।

एसीबी ने पूर्व मंत्री के खिलाफ 2024 के आखिर में एफआईआर दर्ज की थी। 2024 से शुरू हुई जांच में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, महेश जोशी की गिरफ्तारी के बाद एसीबी जांच और तेज कर सकती है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां तथा मुख्य आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ होने की संभावना है।

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