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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:57 · नई दिल्ली संस्करण

वॉट्सऐप डीपी लगाकर पूर्व प्रधानमंत्री के बेटे से 7.8 करोड़ की ठगी, बड़ी रकम फ्रीज

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
वॉट्सऐप डीपी लगाकर पूर्व प्रधानमंत्री के बेटे से 7.8 करोड़ की ठगी, बड़ी रकम फ्रीज

नई दिल्ली। साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे और पूर्व राज्यसभा सदस्य नरेश गुजराल से ठगों ने करोड़ों रुपए की ठगी कर ली। हैरानी की बात यह है कि ठगों ने किसी हैकिंग या तकनीकी चाल का नहीं, बल्कि सिर्फ एक वॉट्सऐप प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल कर इतनी बड़ी ठगी को अंजाम दिया।

दिल्ली पुलिस को दी गई शिकायत में नरेश गुजराल ने बताया कि उनके एक कर्मचारी को वॉट्सऐप पर एक संदेश मिला। उस नंबर पर नरेश गुजराल की प्रोफाइल फोटो लगी हुई थी, जिससे कर्मचारी को लगा कि संदेश वास्तव में उनके बॉस की ओर से आया है।

ठग ने खुद को नरेश गुजराल बताकर कर्मचारी से बातचीत की और फिर एक बैंक अकाउंट नंबर भेजा।

इसके बाद कर्मचारी को निर्देश दिया गया कि वह उस खाते में 7.8 करोड़ रुपए आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दे।

आरटीजीएस का पूरा नाम 'रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट' है। यह बैंक ट्रांसफर करने की एक अत्यधिक सुरक्षित और इंस्टेंट (तुरंत) इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली है, जिसे आरबीआई द्वारा संचालित किया जाता है।

बॉस के नाम और प्रोफाइल फोटो पर भरोसा करते हुए कर्मचारी ने बताए गए बैंक खाते में पूरी रकम ट्रांसफर कर दी।

बाद में पता चला कि जिस व्हाट्सऐप नंबर से संदेश आया था, वह नरेश गुजराल का नंबर नहीं था। किसी साइबर ठग ने केवल उनकी प्रोफाइल तस्वीर का इस्तेमाल कर कर्मचारी को धोखा दिया था।

शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को ई-एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम गठित की और ठग द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर तथा बैंक खाते की जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने मनी ट्रेल का पीछा किया और कार्रवाई करते हुए करीब 4 करोड़ रुपए विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज करवा दिए। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और ठगी में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की धोखाधड़ी को 'बॉस स्कैम' कहा जाता है। इसमें ठग किसी कंपनी या संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी या मालिक बनकर कर्मचारियों को निर्देश देते हैं और उनसे बड़ी रकम ट्रांसफर करवा लेते हैं।

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