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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:48 · नई दिल्ली संस्करण

ताइक्वांडो के फर्जी सर्टिफिकेट बनाने का आरोप, पूर्व अकादमी संचालक गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
ताइक्वांडो के फर्जी सर्टिफिकेट बनाने का आरोप, पूर्व अकादमी संचालक गिरफ्तार

जयपुर। वर्ष 2021-22 की तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती (लेवल-1) में खेल कोटे के तहत फर्जी ताइक्वांडो खेल प्रमाण-पत्रों और कूटरचित सत्यापन रिपोर्ट के जरिए सरकारी नौकरी दिलाने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने कार्रवाई करते हुए पूर्व ताइक्वांडो अकादमी संचालक बालकंवर सैनी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि वर्ष 2017 की ओपन ताइक्वांडो प्रतियोगिता के बाद बचे हस्ताक्षरित ब्लैंक प्रमाण-पत्रों का दुरुपयोग कर फर्जी खेल प्रमाण-पत्र तैयार किए गए, जिनके आधार पर अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती में नियुक्ति दिलाने का प्रयास किया गया।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि एसओजी की जांच में सामने आया कि अभ्यर्थियों ने फर्जी ताइक्वांडो खेल प्रमाण-पत्रों के साथ 'ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया, धनबाद' की फर्जी ई-मेल आईडी से तैयार कराई गई कूटरचित वेरिफिकेशन रिपोर्ट प्रस्तुत कर सरकारी नौकरी हासिल की थी।

एसओजी के अनुसार गिरफ्तार आरोपित बालकंवर सैनी (33) निवासी निवारू रोड (खोराबीसल) वर्ष 2017 में ताइक्वांडो अकादमी संचालित करता था। उसी वर्ष राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में राजस्थान ताइक्वांडो एसोसिएशन की ओर से आयोजित ओपन ताइक्वांडो प्रतियोगिता के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा हस्ताक्षरित कुछ खाली (ब्लैंक) प्रमाण-पत्र उसे उपलब्ध कराए गए थे। प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद चार हस्ताक्षरित ब्लैंक प्रमाण-पत्र उसके पास बच गए। बाद में ये ब्लैंक प्रमाण-पत्र आरोपी विष्णु भाखड़ीवाल और कप्तान सिंह के पास पहुंचे। विष्णु भाखड़ीवाल ने अपनी लिखावट से अभ्यर्थियों के नाम भरकर फर्जी खेल प्रमाण-पत्र तैयार किए। प्रत्येक प्रमाण-पत्र के बदले करीब 60 हजार रुपये वसूले गए, जिनमें से 20 हजार रुपये बालकंवर सैनी को दिए गए।

जांच के दौरान पहले गिरफ्तार आरोपित सियाराम गुर्जर के संबंध में सामने आया कि उसने फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र और फर्जी सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर तृतीय श्रेणी शिक्षक के पद पर नियुक्ति प्राप्त की थी। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपित कप्तान सिंह ने खुलासा किया कि उसने अपने रिश्तेदार मनोज कुमार गुर्जर के कहने पर सियाराम गुर्जर सहित अन्य अभ्यर्थियों के लिए विष्णु भाखड़ीवाल से 60 हजार रुपये में ब्लैंक हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र खरीदे थे।

कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा वर्ष 2022 में आयोजित तृतीय श्रेणी शिक्षक (लेवल-1) भर्ती में खेल कोटे के तहत कुल 2 प्रतिशत अभ्यर्थियों का चयन होना था। एसओजी जांच में सामने आया कि राष्ट्रीय स्तर के फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण-पत्रों के आधार पर चयन सूची में शामिल 38 अभ्यर्थियों ने शिक्षा विभाग की चयन समिति के समक्ष ये दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। मामले में कई नियुक्तियों की जांच जारी है।

एसओजी अब आरोपी से पूछताछ कर फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार करने वाले पूरे नेटवर्क, इसमें शामिल अन्य लोगों तथा इससे लाभान्वित अभ्यर्थियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। कई और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

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