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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:38 · नई दिल्ली संस्करण

देश में पहली बार कार्बन उत्सर्जन और भविष्य की इकोनॉमी की रुपरेखा तय करने को रांची में 14-15 फरवरी को जुटेंगे 30 देशों के एक्सपर्ट

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
देश में पहली बार कार्बन उत्सर्जन और भविष्य की इकोनॉमी की रुपरेखा तय करने को रांची में 14-15 फरवरी को जुटेंगे 30 देशों के एक्सपर्ट

रांची: देश में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते संकट को रोकने के लिए विजन 2070 के नेट-जीरो लक्ष्य को प्राप्त करने को लेकर विश्वस्तर पर काम चल रहा है। झारखंड में सस्टेनेबल जस्ट ट्रांजिशन टास्क फोर्स अहम भूमिका निभा रहा है। देश का पहला ऐसा राज्य झारखंड है, जहां नवंबर 2022 से टास्क फोर्स गठन के बाद से सक्रिय है। रांची में इसी के तहत 14-15 फरवरी को होटल रेडिसन ब्लू में अंतराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन होगा। इस दो दिवसीय सेमिनार में 30 देशों से एक्सपर्ट शामिल होंगे। वहीं 60 से ज्यादा वक्ता, 300 प्रतिनिधि, केंद्र व राज्य सरकार के पदाधिकारी शामिल होंगे। अंतराष्ट्रीय कार्यशाला में कार्बन उत्सर्जन के चैलेंज को कम करने और ऐसे में अर्थव्यवस्था के नए स्वरूप विषय पर अतिथि अपने सुझाव रखेंगे। सोमवार को सीड्स के सीईओ (फाउंडर डायरेक्टर) रमापति कुमार ने प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में कार्बन उर्त्सजन को कम करना है। इसी उद्देश्य को लेकर प्रदेश में सस्टेनेबल जस्ट ट्रांजिशन टास्क फोर्स काम कर रहा है। प्रदेश में 60 प्रतिशत क्षेत्र कोयला आधारित इकोनॉमी और कारोबार पर निर्भर है। प्रदेश में भी जलवायु परिवर्तन का प्रभाव झारखंड में भी देखने को मिल रहा। कार्यशाला में यूपी, ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों के अलावा सरकार के वरीय पदाधिकरी शामिल होंगे।

सस्टेनेबल जस्ट ट्रांजिशन टास्क फोर्स के चेयरपर्सन एके रस्तोगी ने बताया कि इस कार्यशाला पर देश दुनिया की नजर है । तभी लोग लगातार कार्यशाला के जिए रजिस्ट्रेशन करा रहे थे, रजिस्ट्रेशन बंद करना पड़ा। देश में पहली बार इस विषय पर अंतराष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित हो रहा है। जिसमें जापान, साउथ अफ्रीका, साउथ कोरिया सहित दुनियाभर के 30 देशों के 300 डेलीगेट्स अनुभव साझा करेंगे। क्लिन एनर्जी, एनर्जी सेविंग के साथ कैसे सब आगे बढ़ेंगे, कार्यशाला के माध्यम से एक्सपर्ट इसपर चर्चा करेंगे। कोयला है, तो झारखंड है। ऐसे में कोयला समाप्त हो जाएगा, तो हम कैसे आगे बढ़ेंगे। नये तरह से छोटी- बड़ी इंडस्ट्री कैसे काम करेगी? रेवेन्यू कहां से आएंगे? रोजगार कैसे मिलेगा? इन सवालों के जवाब एक्सपर्ट अपने अनुभव के आधार पर रखेंगे।

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