क्या कल्पना सहानुभूति वोट के भरोसे लड़ेंगी गांडेय विधानसभा का चुनाव, राह नहीं है आसान क्योंकि एनडीए है एकजुट

क्या कल्पना सहानुभूति वोट के भरोसे लड़ेंगी गांडेय विधानसभा का चुनाव, राह नहीं है आसान क्योंकि एनडीए है एकजुट
रांची: अब तो तय है कि गांडेय से कल्पना सोरेन ही विधानसभा चुनाव लड़ेंगी।लेकिन गांडेय विधानसभा उपचुनाव की राह कल्पना सोरेन के लिए आसान नहीं है। लोकसभा चुनाव के साथ साथ झारखंड के गांडेय विधानसभा उपचुनाव के लिए 20 मई को मतदान होगा। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या गांडेय में कल्पना सोरेन की जीत पक्की है या फिर 2019 विधानसभा चुनाव से 2024 की अलग की परिस्थिति की वजह से कल्पना सोरेन की गांडेय उपचुनाव की परीक्षा कठिन होगी? झामुमो उम्मीदवार के रूप में डॉ. सरफराज अहमद महज 8 हजार 955 वोट से ही जीत पाए थे। 2019 विधानसभा चुनाव के समय गांडेय में आजसू उम्मीदवार को 15 हजार 361 वोट और जेवीएम उम्मीदवार ने 8 हजार 952 वोट हासिल किया था।उस वक्त एनडीए में बिखराव के कारण झामुमो की जीत सुनिश्चित हुई थी, इस कारण को झुठलाया नहीं जा सकता है।आज की प्रस्तिथि बहुत अलग है। बाबूलाल मरांडी की पार्टी झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) का भाजपा में विलय हो चुका है और वो खुद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। आजसू फिर से एनडीए के साथ हैं। 2019 के गांडेय उपचुनाव में आजसू और जेवीएम को मिले मतों को जोड़ा जाए तो यह आंकड़ा विजेता झामुमो के उम्मीदवार डॉ. सरफराज अहमद और भाजपा के उम्मीदवार जय प्रकाश वर्मा के वोटों में अंतर से काफी ज्यादा हो जाता है। वोटों के अंकगणित की बात करें तो भाजपा में जेवीएम के विलय और आजसू का साथ मिलने से झामुमो के लिए गांडेय की राह आसान नहीं है।
सहानुभूति वोट के भरोसे जीत मिलना संभव नहीं।





