मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:41 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा, मुजफ्फरपुर में बागमती नदी ने पार किया खतरे का निशान

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा, मुजफ्फरपुर में बागमती नदी ने पार किया खतरे का निशान

मुजफ्फरपुर।

जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, मुजफ्फरपुर जिले में बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। मंगलवार सुबह 6:00 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक, कटौझा में बागमती नदी का जलस्तर 55.75 मीटर दर्ज किया गया है, जो कि इसके खतरे के निशान (55.00 मीटर) से 0.75 मीटर अधिक है। इसके अलावा, नदी का रुख लगातार बढ़ने की ओर है, जिससे निचले इलाकों में तबाही की आशंका गहरा गई है।

औराई, कटरा और गायघाट के निचले इलाकों में अलर्ट:

बागमती नदी के जलस्तर में हो रही इस लगातार वृद्धि के कारण औराई, कटरा और गायघाट प्रखंडों के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए भारी संकट खड़ा हो गया है। इन क्षेत्रों में नदी का पानी तेजी से प्रवेश कर सकता है, जिससे फसलों, सड़कों और घरों को भारी नुकसान पहुंचने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन ने इन इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

सिकंदरपुर और रेवाघाट में स्थिति नियंत्रण में: एक तरफ जहां बागमती नदी का रुख चिंताजनक बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ जिले से गुजरने वाली बूढ़ी गंडक और गंडक नदी से राहत की खबर है। सिकंदरपुर में बूढ़ी गंडक का जलस्तर 48.46 मीटर है, जो खतरे के निशान (52.53 मीटर) से नीचे है। वहीं रेवाघाट में गंडक नदी का जलस्तर 52.89 मीटर दर्ज किया गया है, जो इसके खतरे के निशान (54.41 मीटर) से कम है। राहत की बात यह है कि इन दोनों ही स्थानों पर जलस्तर का रुख गिरने की ओर है।

प्रशासन की तैयारी

समाहरणालय मुजफ्फरपुर के जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष और जल निस्सरण प्रमंडल के अभियंता स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों को तटबंधों की निगरानी बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें