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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:49 · नई दिल्ली संस्करण

अकबरनगर में बाढ़ का संकट गहराया, श्रीरामपुर रिंग बांध टूटने से गांवों में घुसा पानी, 7 हजार से ज्यादा आबादी प्रभावित

जिले के अकबरनगर और उसके आसपास के इलाकों में गंगा नदी के बढ़े जलस्तर के कारण बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है।

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अकबरनगर में बाढ़ का संकट गहराया, श्रीरामपुर रिंग बांध टूटने से गांवों में घुसा पानी, 7 हजार से ज्यादा आबादी प्रभावित

जिले के अकबरनगर और उसके आसपास के इलाकों में गंगा नदी के बढ़े जलस्तर के कारण बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है।

अचानक पानी के भारी दबाव की वजह से श्रीरामपुर रिंग बांध टूट गया, जिससे पूरा श्रीरामपुर गांव जलमग्न हो गया है। बांध ध्वस्त होने से इलाके के कई गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है, जिससे लगभग सात हजार से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।

रिंग बांध के टूटने से श्रीरामपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। घरों में तेजी से पानी प्रवेश करता देख ग्रामीण अपनी जान बचाने और गृहस्थी का जरूरी सामान समेटकर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

कई परिवारों ने छतों पर शरण ले रखी है, तो कई लोग राहत शिविरों या मुख्य सड़कों की ओर पलायन कर रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से बाढ़ के पानी में लगातार हो रही वृद्धि के कारण रिंग बांध पर दबाव बेहद बढ़ गया था।

रविवार की सुबह से ही ग्रामीणों ने पानी का भारी दबाव देखकर अपनी तरफ से बांध को बचाने का काफी प्रयास किया। लेकिन दोपहर होते-होते बांध में अचानक बड़ी दरारें आ गईं और तेज बहाव के कारण वह पूरी तरह टूट गया। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बांध पर बढ़ते खतरे को देखते हुए समय रहते अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई थी, लेकिन प्रशासन की ओर से बांध को सुरक्षित रखने या मरम्मत का कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया, जिसका खामियाजा आज हजारों की आबादी को भुगतना पड़ रहा है।

फिलहाल प्रभावित इलाकों में लोग खुद के भरोसे सुरक्षित जगहों की तलाश में जुटे हैं और सरकारी मदद का इंतजार कर रहे हैं।

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