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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 9:54 · नई दिल्ली संस्करण

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पहला अग्रिम अनुमान जारी, जीडीपी की विकास दर 7.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पहला अग्रिम अनुमान जारी, जीडीपी की विकास दर 7.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से बुधवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जारी किए गए पहले अग्रिम अनुमान में कहा गया कि जीडीपी की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रह सकती है, जो कि वित्त वर्ष 2024-25 में 6.5 प्रतिशत थी।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत आने वाले राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एसएसओ) द्वारा जारी किए गए डेटा में बताया गया कि भारत की नॉमिनल जीडीपी की विकास दर वित्त वर्ष 2025-26 में 8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। डेटा के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में तृतीयक क्षेत्र के तहत आने वाले फाइनेंशियल, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, डिफेंस और अन्य सर्विसेज की वृद्धि दर स्थिर कीमतों में 9.9 प्रतिशत रह सकती है।

वहीं, व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण से जुड़ी सेवाओं की वृद्धि दर स्थिर कीमतों में 7.5 प्रतिशत रह सकती है। द्वितीयक क्षेत्र के तहत आने वाली मैन्युफैक्चरिंग और निर्माण की वृद्धि दर स्थिर कीमतों में 7 प्रतिशत रह सकती है। इसके अलावा, एनएसओ की ओर से जारी किए गए डेटा में कहा गया कि कृषि और उससे जुड़े हुए सेक्टर की वृद्धि दर 3.1 प्रतिशत, इलेक्ट्रिसिटी, गैस, पानी की आपूर्ति और अन्य यूटिलिटी सर्विसेज सेक्टर की वृद्धि दर 2.1 प्रतिशत रह सकती है। निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025-26 में 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं, सरकारी अंतिम उपभोग व्यय (जीएफसीई) की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025-26 में 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

सरकारी डेटा में बताया गया कि भारत का निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। इस दौरान आयात 14.4 प्रतिशत की दर से बढ़ सकता है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश की शुद्ध राष्ट्रीय आय 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 6.4 प्रतिशत था। इस दौरान देश की प्रति व्यक्ति जीडीपी 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है। पिछले साल यह आंकड़ा 5.5 प्रतिशत था।

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