कनाडा में कपिल शर्मा के रेस्टोरेंट पर फायरिंग, आतंकी हरजीत सिंह लड्डी ने ली जिम्मेदारी; BKI से जुड़ा है मामला

कनाडा में कपिल शर्मा के रेस्टोरेंट पर फायरिंग, आतंकी हरजीत सिंह लड्डी ने ली जिम्मेदारी; BKI से जुड़ा है मामला
टोरंटो/नई दिल्ली। लोकप्रिय कॉमेडियन कपिल शर्मा के कनाडा स्थित रेस्टोरेंट "Kap's Cafe" पर बीते मंगलवार देर रात अज्ञात हमलावरों ने गोलियां बरसाईं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। इस हमले में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन रेस्टोरेंट की खिड़कियों और बाहरी दीवारों पर गोलियों के निशान साफ देखे जा सकते हैं।
इस हमले की जिम्मेदारी भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा वांछित आतंकवादी हरजीत सिंह लड्डी ने ली है। लड्डी खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़ा हुआ है और फिलहाल जर्मनी में छिपा बैठा है। NIA ने उस पर पहले से ही ₹10 लाख का इनाम घोषित कर रखा है।
सूत्रों के मुताबिक, लड्डी ने कपिल शर्मा के खिलाफ यह हमला कथित तौर पर उनकी एक पुरानी टिप्पणी को लेकर किया, जिसे कुछ कट्टरपंथी सिख संगठनों ने अपमानजनक माना था। हालांकि, कपिल शर्मा की ओर से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
सरे, ब्रिटिश कोलंबिया में स्थित यह कैफे कपिल शर्मा द्वारा हाल ही में शुरू किया गया था और इसमें पंजाबी स्वाद के व्यंजन परोसे जाते हैं। हमले के समय कैफे बंद था, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।
भारतीय खुफिया एजेंसियों और NIA का मानना है कि यह हमला सिर्फ एक सेलेब्रिटी को निशाना बनाने का प्रयास नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य भारतीय मूल के लोगों में डर फैलाना और खालिस्तानी विचारधारा का दबदबा बनाना है।
हरजीत सिंह लड्डी कोई नया नाम नहीं है। वह अप्रैल 2024 में विश्व हिंदू परिषद नेता विकास प्रभाकर की हत्या, पंजाब में बम धमाके और खालिस्तान समर्थक गतिविधियों की साजिश में पहले ही आरोपित है।
भारतीय एजेंसियों ने इस हमले के बाद कनाडा सरकार और वहां की सुरक्षा एजेंसियों से मांग की है कि खालिस्तानी आतंकी नेटवर्क पर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भारतीय नागरिकों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उधर, Kap’s Cafe की टीम ने एक बयान में कहा है— “हम इस हिंसा से स्तब्ध हैं, लेकिन झुकेंगे नहीं। यह स्थान अब सिर्फ एक कैफे नहीं, बल्कि आतंक के खिलाफ खड़े होने का प्रतीक है।”
यह घटना न सिर्फ भारतीय सेलिब्रिटीज के लिए, बल्कि विदेशों में बसे हर भारतीय के लिए एक चेतावनी है कि कट्टरपंथी तत्व अब व्यापारिक, सांस्कृतिक और निजी पहचान को भी अपने निशाने पर ले रहे हैं।





