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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:16 · नई दिल्ली संस्करण

भोपाल के जयप्रकाश जिला अस्पताल में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, गार्ड की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
भोपाल के जयप्रकाश जिला अस्पताल में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, गार्ड की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल के जयप्रकाश (जेपी) जिला अस्पताल में बुधवार काे अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। घटना दोपहर करीब 12:15 बजे ओपीडी ब्लॉक के पहले फ्लोर पर स्थित एक कमरे में हुई, जहां सिरिंज, सैंपल कलेक्शन उपकरण और अन्य सर्जिकल सामग्री रखी थी। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले कमरे से धुआं उठता दिखा जो कुछ ही मिनटों में आग में बदल गया। प्लास्टिक और सर्जिकल सामान जलने से काला धुआं पूरे ओपीडी ब्लॉक में फैल गया। हालात बिगड़ते देख अस्पताल स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। एहतियातन बिजली सप्लाई भी बंद कर दी गई।गार्ड ने तोड़ा ताला, 8 सिलेंडर से बुझाई आगअस्पताल के गार्ड हरिदेव यादव के मुताबिक, सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे, लेकिन कमरे पर ताला लगा था और चाबी मिलने में समय लग रहा था। स्थिति की गंभीरता देखते हुए उन्होंने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और फायर एक्सटिंग्विशर से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब आठ कंटेनर खाली करने के बाद आग पर काबू पाया जा सका। फायर ब्रिगेड लगभग 30 मिनट बाद मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग बुझाई जा चुकी थी। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो आग पूरे ब्लॉक में फैल सकती थी।आग बुझाते-बुझाते बिगड़ी गार्ड की तबीयतधुएं के बीच लगातार प्रयास करने से गार्ड की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें चक्कर और सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई, जिसके बाद तत्काल ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया। फिलहाल उनकी हालत में सुधार है, हालांकि पेट में जलन और आंखों में परेशानी की शिकायत बनी हुई है।फायर सेफ्टी सिस्टम पर सवालगौरतलब है कि बीते वर्ष अस्पताल में वॉटर स्प्रिंकलर और अन्य फायर सेफ्टी उपकरण लगाए गए थे। दावा था कि आग लगते ही सिस्टम स्वतः सक्रिय हो जाएगा, लेकिन बुधवार की घटना में यह व्यवस्था काम नहीं आई। जानकारी के अनुसार फायर सेफ्टी सिस्टम का हैंडओवर अब तक संबंधित एजेंसी को नहीं दिया गया था और सिस्टम बंद पड़ा था।सिविल सर्जन मौके पर पहुंचेघटना की सूचना मिलते ही अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. संजय जैन अवकाश के बावजूद अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि मामले में संबंधित एजेंसी को पत्र भेजा गया है और फायर सिस्टम दोबारा चालू करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है

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