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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:24 · नई दिल्ली संस्करण

15वें वित्‍त आयोग ने ग्रामीण विकास के लिए उप्र को 1599 करोड़ रुपये और आंध्र को 446 करोड़ रुपये दिए

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
15वें वित्‍त आयोग ने ग्रामीण विकास के लिए उप्र को 1599 करोड़ रुपये और आंध्र को 446 करोड़ रुपये दिए

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को वित्‍त वर्ष 2024-25 के लिए उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग (15वें वित्‍त आयोग) अनुदान के तहत धनराशि जारी की है। 15वें वित्‍त आयोग ने ग्रामीण विकास के लिए उत्तर प्रदेश को 1598.80 करोड़ रुपये और आंध्र प्रदेश को 446.49 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है। पंचायती राज मंत्रालय ने जारी एक बयान में बताया कि उत्तर प्रदेश को कुल 1,598.80 करोड़ रुपये की असंबद्ध अनुदान की दूसरी किस्त जारी की है। मंत्रालय के मुताबिक यह धनराशि राज्य की सभी पात्र 75 जिला पंचायतों, सभी पात्र 826 ब्लॉक पंचायतों और सभी पात्र 57691 ग्राम पंचायतों के लिए है।मंत्रालय ने कहा कि आंध्र प्रदेश को वित्‍त वर्ष 2024-25 की असंबद्ध अनुदान की दूसरी किस्त 420.9989 करोड़ रुपये के साथ-साथ असंबद्ध अनुदान की पहली किस्त की धनराशि 25.4898 करोड़ रुपये भी जारी की गई है। इसी तरह आंध्र प्रदेश को कुल 446.49 करोड़ रुपये की ये धनराशि राज्य की 13097 विधिवत निर्वाचित ग्राम पंचायतों, 650 विधिवत निर्वाचित ब्लॉक पंचायतों और सभी 13 पात्र जिला पंचायतों के लिए आवंटित की गई है। उल्‍लेखनीय है कि पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय द्वारा अनुशंसित अनुदान सालाना दो किस्तों में जारी किए जाते हैं। इनका उद्देश्य संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में उल्लिखित 29 विषयों के तहत स्थान-विशिष्ट आवश्यकताओं को संबोधित करना है, जो जमीनी स्तर पर शासन और ग्रामीण विकास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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