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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:54 · नई दिल्ली संस्करण

किसानों को मिलेगा तोहफा, प्रधानमंत्री मोदी जारी करेंगे सम्मान निधि की 21वीं किस्त

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
किसानों को मिलेगा तोहफा, प्रधानमंत्री मोदी जारी करेंगे सम्मान निधि की 21वीं किस्त

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को तमिलनाडु के कोयंबटूर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 21वीं किस्त जारी करेंगे। प्रधानमंत्री इस अवसर पर वहां उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी तमिलनाडु के कोयंबटूर में लगभग 1:30 बजे दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री देशभर के 9 करोड़ किसानों को सहायता प्रदान करने के लिए पीएम-किसान योजना की 18,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि की 21वीं किस्त जारी करेंगे।

पीएम किसान सम्मान निधि योजना, प्रत्येक पात्र किसान परिवार को 6,000 रुपए की वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान करती है। यह योजना 24 फरवरी 2019 को शुरू की गई। अब तक, देश के 11 करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों को 20 किश्तों के माध्यम से 3.70 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है।

इस योजना का लाभ उन किसानों को मिल रहा है जिनकी भूमि का विवरण पीएम किसान पोर्टल पर दर्ज है, जिनके बैंक खाते आधार से जुड़े हैं और जिनका ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। यह योजना वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) पहलों में से एक है, जो लाभार्थियों को सीधे वित्तीय सहायता प्रदान करने के अपने महत्वपूर्ण प्रभाव को रेखांकित करती है।

समावेशिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ, यह योजना अपने लाभों का 25 प्रतिशत से अधिक महिला लाभार्थियों को समर्पित करती है।

यह योजना तकनीकी और प्रक्रियागत प्रगति का लाभ उठाती है, ताकि अधिकतम लाभार्थियों को बिना किसी परेशानी के लाभ मिल सके।

किसान-केंद्रित डिजिटल बुनियादी ढांचा व्यापक पहुंच सुनिश्चित करता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि देश के पात्र किसान इस योजना का लाभ निर्बाध रूप से उठा सकें। डिजिटल सार्वजनिक वस्तुओं के रणनीतिक समावेश ने न केवल बिचौलियों को समाप्त किया है, बल्कि दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचने वाली एक सुव्यवस्थित वितरण प्रणाली का मार्ग भी प्रशस्त किया है। आधार और आधार-आधारित भुगतान इकोसिस्टम के उपयोग से योजना की प्रभावशीलता और भी बढ़ गई है, जिससे सुरक्षित और कुशल लेनदेन सुनिश्चित होते हैं।

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