मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:41 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली हाई कोर्ट और विधानसभा समेत कई संस्थानों को भेजी फर्जी धमकियां, मैसूर से मास्टरमाइंड गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दिल्ली हाई कोर्ट और विधानसभा समेत कई संस्थानों को भेजी फर्जी धमकियां, मैसूर से मास्टरमाइंड गिरफ्तार

नई दिल्ली। देशभर में हड़कंप मचाने वाले फर्जी धमकी संदेशों के मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने कर्नाटक के मैसूर से एक 47 साल के शख्स को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर 1,000 से ज्यादा फर्जी धमकी भरे मैसेज भेज चुका था।

आरोपी की पहचान श्रीनिवास लुइस के रूप में हुई है। उसे दिल्ली पुलिस ने मैसूर में उसके किराए के घर से पकड़ा। इस ऑपरेशन को दिल्ली पुलिस और स्थानीय पुलिस ने मिलकर अंजाम दिया। अब आरोपी से गहनता से पूछताछ की जा रही है ताकि इन फर्जी धमकी भरे मैसेज भेजने के पीछे का सच पता किया जा सके।

दरअसल, पिछले कुछ हफ्तों से देश के कई बड़े संस्थानों, अदालतों और सरकारी दफ्तरों को लगातार धमकी भरे संदेश मिल रहे थे, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मची हुई थी। इन संदेशों में बम धमाके जैसी गंभीर धमकियां दी जाती थीं। इतना ही नहीं, दिल्ली हाई कोर्ट, दिल्ली विधानसभा और कई शैक्षणिक संस्थान भी इनका निशाना बने। हर बार ऐसे मैसेज मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी जाती थी, जांच की जाती थी और लोगों में डर का माहौल बन जाता था।

हालांकि, जांच में बाद में ये सभी धमकियां फर्जी निकलीं।

लेकिन तब तक पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को काफी संसाधन और समय लगाना पड़ता था। यही वजह है कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया और आरोपी की तलाश शुरू की गई।

पुलिस के मुताबिक, टेक्निकल सर्विलांस और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए आरोपी श्रीनिवास लुइस तक पहुंचा गया।

काफी समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी, जिसके बाद आखिरकार उसे पकड़ लिया गया। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ करने और आगे की कार्रवाई में जुटी है।

आधिकारियों का कहना है कि पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने इतने बड़े स्तर पर ये फर्जी धमकी भरे मैसेज क्यों भेजे। क्या इसके पीछे कोई व्यक्तिगत कारण था या फिर कोई और मकसद था इसकी जांच जारी है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें