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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:29 · नई दिल्ली संस्करण

बांसवाड़ा में खाद की कालाबाजारी, दो गुना से अधिक दाम पर बिक रही खाद

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बांसवाड़ा में खाद की कालाबाजारी, दो गुना से अधिक दाम पर बिक रही खाद

बांसवाड़ा। बांसवाड़ा जिले में खाद की भारी किल्लत के बीच व्यापारियों द्वारा की जा रही कालाबाजारी का एक बड़ा रैकेट सामने आया है। घाटोल क्षेत्र में प्रशासनिक उदासीनता के चलते व्यापारी निर्धारित दर से कहीं अधिक दाम पर खाद बेचकर मुनाफा कमा रहे थे। ग्रामीणों की जागरूकता ने इस गोरखधंधे का भंडाफोड़ कर दिया।नोडल अधिकारी अजय निनामा और घाटोल टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सूचना के आधार पर मौके पर दबिश दी। उन्होंने आरसीएम उज्ज्वला खाद से भरा एक ट्रोला और एक पिकअप वाहन जप्त किया। ट्रोले में कुल 780 बैग खाद भरे हुए थे। यह खुलासा हुआ कि जिस खाद की सरकारी दर 266 प्रति बोरी है, उसे ब्लैक मार्केट में 600 रुपये में बेचा जा रहा था।यह खाद चंदेरिया, चित्तौड़गढ़ से नोगामा क्षेत्र में हर्षिता ट्रेडर्स के यहां उतारी जानी थी, लेकिन बीच रास्ते ही घाटोल उपखंड के डूंगर में यह व्यापारी किशोर कलाल के यहां खाली हो रही थी। ग्रामीणों ने समय पर ट्रोले को संदिग्ध अवस्था में उतरते देख प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद पूरी कालाबाजारी का भंडाफोड़ हुआ।इस खुलासे के बाद बांसवाड़ा जिले में हड़कंप मच गया है। पिछले काफी समय से जिले में खाद की किल्लत बनी हुई है, जिसके कारण जगह-जगह किसानों के प्रदर्शन हो रहे हैं। दरअसल, जो खाद सहकारी दुकानों में किसानों को सस्ती दर पर मिलनी थी, वह निजी व्यापारियों के पास पहुँचकर महंगे दामों पर बेची जा रही थी।कालाबाजारी का यह बड़ा खेल सामने आने के बाद किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। खमेरा थाने के बाहर सैकड़ो किसानों की भीड़ एकत्र हो गई है, जो जोरदार नारेबाजी करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। किसान प्रशासन पर हर जगह जांच का दबाव बना रहे हैं, जिसके चलते अन्य खाद व्यापारियों के यहां भी लगातार कार्रवाई और जांच चल रही है।नोडल अधिकारी अजय निनामा ने बताया कि किसानों से सूचना मिलने के बाद विभाग स्तर पर कार्रवाई की जा रही है और संबंधित व्यापारी और खाद की कालाबाजारी करने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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