मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:22 · नई दिल्ली संस्करण

उप्र के इटावा में वीर जवान को अंतिम विदाई देने उमड़ी भीड़

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

इटावा,

04 फरवरी । छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में आईईडी ब्लास्ट में घायल

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के ग्राम किल्ली के रहने वाले सीआरपीएफ जवान ने

इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसकी खबर मिलने के बाद जिले में शोक की लहर

दौड़ गई। जिलाधिकारी और एसएसपी ने बलिदान हुए जवान के घर जाकर परिजनों को

सांत्वना दी। शनिवार देर रात जवान का पार्थिव शरीर एयर एंबुलेंस से गांव

लाया गया। वीर जवान को अंतिम विदाई देने के लिए रविवार को उनके पैतृक आवास

पर हजारों की भीड़ जुटी हुई है।

इटावा जिले के ग्राम किल्ली

के रहने वाले गिरीश बाबू जाटव सीआरपीएफ में एएसआई के पद पर छत्तीसगढ़ के

दंतेवाड़ा में तैनात थे। एक फरवरी की शाम को रूटीन गश्त के दौरान नक्सलियों

के आईईडी विस्फोट में गिरीश बाबू गंभीर रूप से घायल हो गए थे। रायपुर के

अस्पताल में इलाज चल रहा था। दो फरवरी को उपचार के दौरान सीआरपीएफ जवान ने

अंतिम सांस ली।

सूचना मिलने पर जिलाधिकारी अवनीश राय और

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बलिदान हुए जवान गिरीश बाबू के घर पहुंचकर

परिजनों को सांत्वना दी और देर रात पार्थिव देह को एयर एंबुलेंस के द्वारा

गांव लाया गया। बलिदान हुए जवान के परिवार में उनकी पत्नी बेबी दो बेटे

पुष्पराज और विपिन, छोटी बेटी वैष्णवी और बड़ी बेटी प्रियंका हैं। बेटी

प्रियंका की शादी हो चुकी है और पत्नी बेबी अपने दोनों बेटे और छोटी बेटी

के साथ गांव में रहकर खेती का काम देखती हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें