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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:58 · नई दिल्ली संस्करण

एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हन्नो पेवकुर ने दिया इस्तीफा, भारतीय कंपनी से जुड़ाव की खबरें

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हन्नो पेवकुर ने दिया इस्तीफा, भारतीय कंपनी से जुड़ाव की खबरें

यूक्रेन के लिए तोपखाने के गोले खरीदने से जुड़े एक विवादित सौदे के बाद यूरोपीय देश एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हन्नो पेवकुर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब यूरोपीय संघ की लगभग 70 मिलियन यूरो (लगभग 781 करोड़ भारतीय रुपये) की राशि उन कंपनियों को अग्रिम भुगतान के रूप में दी गई, जिनका पहले तोप के गोले बनाने या बेचने का कोई रिकॉर्ड नहीं था। इस सौदे में एक भारतीय कंपनी से जुड़े हित भी बताए जा रहे हैं।

पेवकुर ने अपने इस्तीफे के बाद स्वीकार किया कि भले ही सौदे की बारीकियों में उनकी सीधी भूमिका न रही हो, लेकिन रक्षा क्षेत्र की राजनीतिक जिम्मेदारी उन्हें स्वीकार करनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि रक्षा मंत्री का काम अनुबंधों की हर पंक्ति पढ़ना या गोला-बारूद गिनना नहीं होता, फिर भी इस मामले में राजनीतिक जवाबदेही उन पर आती है।

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, 2024 में एस्टोनियाई रक्षा निवेश केंद्र ने यूक्रेन के लिए बड़े कैलिबर के तोपखाने के गोले खरीदने के कई अनुबंध किए थे। इन सौदों के तहत यूरोपीय संघ की यूरोपीय शांति सुविधा से लगभग 70 मिलियन यूरो का अग्रिम भुगतान किया गया। अनुबंध इटली में पंजीकृत कंपनी डाटासल एसआरएल से जुड़े थे। इन रिपोर्टों में कहा गया है कि इस कंपनी का अधिग्रहण एक भारतीय कंपनी नेको डिफेंस म्यूनिशंस ने किया था। संबंधित कंपनियों का पहले तोप के गोले बेचने का कोई इतिहास नहीं था। पहला अनुबंध अगस्त 2024 में हुआ और उसके बाद कई किस्तों में अग्रिम राशि भेजी गई।

शुरुआती खेप नवंबर 2024 तक यूक्रेन पहुंचनी थी, लेकिन निर्धारित गुणवत्ता वाली आपूर्ति समय पर नहीं हो सकी। एस्टोनियाई अधिकारियों का कहना है कि जो सामग्री बाद में मिली, वह पर्याप्त गुणवत्ता की नहीं थी या अधूरी थी। इसलिए ये गोले यूक्रेन के मोर्चे तक नहीं भेजे गए। एस्टोनिया ने अनुबंध रद्द करने और अग्रिम राशि वापस लेने की कोशिश की है, और यह मामला अब घरेलू अदालत के साथ-साथ स्ट्रासबर्ग स्थित यूरोपीय मध्यस्थता न्यायालय में भी विचाराधीन है। दूसरी ओर, कंपनी पक्ष का दावा है कि उसने बड़ी मात्रा में सामग्री दे दी थी और एस्टोनिया द्वारा अनुबंध अचानक समाप्त किए जाने से उसे नुकसान हुआ है।

यह विवाद अभी अदालत और मध्यस्थता के स्तर पर चल रहा है। पेवकुर, जो 2022 से रक्षा मंत्री थे, ने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि मंत्री हर खरीद सौदे की बारीकियों में नहीं जाते, लेकिन राष्ट्रीय लेखापरीक्षा कार्यालय की रिपोर्ट, खासकर सशस्त्र बलों और रक्षा निवेश केंद्र की गतिविधियों को लेकर, राजनीतिक जिम्मेदारी का सवाल खड़ा करती हैं। उन्होंने दोहराया कि यूक्रेन को समर्थन देने का मूलभूत फैसला राजनीतिक स्तर पर लिया जाता है, जबकि ठेकेदार चुनने और अनुबंध तैयार करने का काम खरीद एजेंसी का होता है। पिछले महीने एस्टोनिया के राष्ट्रीय लेखापरीक्षा कार्यालय ने देश के रक्षा खर्च, सैन्य निवेश और खरीद प्रक्रिया की तीखी आलोचना की थी।

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