मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:37 · नई दिल्ली संस्करण

इंजीनियरिंग की लापरवाही: घटिया सड़क-नाला निर्माण से घिरे लोग, घरों में घुसा पानी का ख़तरा

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
इंजीनियरिंग की लापरवाही: घटिया सड़क-नाला निर्माण से घिरे लोग, घरों में घुसा पानी का ख़तरा

भागलपुर।

स्मार्ट सिटी योजना और शहरी विकास के दावों के बीच भागलपुर शहर में जगह-जगह हो रहे पीसीसी सड़क और नाला निर्माण के तौर-तरीकों ने नगर निगम और निर्माण एजेंसियों की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

शहर के भीखनपुर क्षेत्र (वार्ड नंबर 34) से विकास कार्यों में भारी तकनीकी लापरवाही का एक ताजा मामला सामने आया है, जिसे लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोग अब विकास की इस उपयोगिता और गुणवत्ता पर खुलेआम सवाल उठा रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, भीखनपुर में हाल ही में दो नंबर गुमटी से लेकर 12 नंबर गुमटी तक मुख्य पीसीसी सड़क और नाले का निर्माण कराया गया था। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मुख्य सड़क का निर्माण बिना सही तकनीकी आकलन और बिना 'लेवल' (ढलान) देखे ही कर दिया गया।

अब इसी मुख्य मार्ग की सहायक गली, बढ़ई टोला में नाले का निर्माण शुरू किया गया है। लोगों का कहना है कि जब मुख्य नाले का ही लेवल सही नहीं है, तो बढ़ई टोला गली के नाले का पानी आगे कैसे निकलेगा? तकनीकी रूप से गलत ढलान के कारण आने वाले दिनों में बढ़ई टोला में जलजमाव की स्थिति पैदा होने का संशय बना हुआ है।

इस निर्माण कार्य की सबसे बड़ी मार स्थानीय निवासियों के आशियानों पर पड़ी है। बिना किसी दूरदर्शिता के पीसीसी सड़क को इतना ऊंचा कर दिया गया है कि भीखनपुर, बढ़ई टोला और आनंदबाग के कई मकान सड़क के स्तर से काफी नीचे आ गए हैं। स्थिति यह है कि अब हल्की बारिश होने पर भी सड़क और नाले का गंदा पानी लोगों के कमरों और आँगनों में प्रवेश करने की स्थिति बन गई है। योजना बनाने वाले इंजीनियरों और अधिकारियों की इस घोर लापरवाही ने आम जनता के सामने एक बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है।

उल्लेखनीय है कि शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग के स्पष्ट दिशा-निर्देश और नियम हैं, जिनकी यहां खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई हैं। किसी भी क्षेत्र में नाला या सड़क बनाने से पहले उस इलाके की भौगोलिक बनावट और ढलान का सर्वे (लेवलिंग) करना इंजीनियर के लिए अनिवार्य है, ताकि पानी का बहाव प्राकृतिक रूप से आगे बढ़ सके। नियम कहते हैं कि पुरानी सड़क के ऊपर ही नई पीसीसी सड़क की परतें नहीं चढ़ाई जा सकतीं। पहले पुरानी सड़क की ऊपरी सतह को खोदकर हटाया जाना चाहिए, ताकि सड़क की ऊंचाई न बढ़े और आसपास के घर नीचे न हों। सहायक गलियों के नालों का जलस्तर हमेशा मुख्य नाले के जलस्तर से ऊंचा होना चाहिए ताकि पानी बैकफ्लो न करे। वार्ड नंबर 34 के भीखनपुर और बढ़ई टोला के स्थानीय निवासियों ने नगर निगम और निर्माण एजेंसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लोगों का कहना है कि विभागीय इंजीनियर केवल फाइलों पर योजनाएं पास करते हैं और कभी जमीनी हकीकत देखने नहीं आते। जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। आक्रोशित नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस तकनीकी त्रुटि को सुधारकर जल निकासी की सही व्यवस्था नहीं की गई, तो वे काम को रुकवाकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें