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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:29 · नई दिल्ली संस्करण

अशोक खरात पर ईडी का शिकंजा, नासिक समेत 11 ठिकानों पर छापेमारी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
अशोक खरात पर ईडी का शिकंजा, नासिक समेत 11 ठिकानों पर छापेमारी

मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नासिक के तथाकथित 'गॉडमैन' अशोक खरात के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को नासिक समेत लगभग 11 ठिकानों पर छापे मारे गए। इस दौरान ईडी ने तलाशी अभियान भी चलाया।

ईडी के अधिकारियों ने जानकारी दी कि अशोक खरात, प्रकाश पोफले और अन्य रिश्तेदारों से जुड़े आवासीय और व्यावसायिक परिसरों के साथ-साथ सहकारी ऋण समितियों की संबंधित शाखाओं की जांच की जा रही है। इस संबंध में सोमवार को नासिक में पांच और पुणे व शिरडी में तीन-तीन परिसरों में तलाशी अभियान चलाया गया।

ईडी ने नासिक सैक्स स्कैंडल केस के मुख्य आरोपी अशोक खरात के खिलाफ पीएमएलए, 2002 की धारा 17 के अंतर्गत पिछले हफ्ते मुकदमा दर्ज किया था। यह मामला सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में 25 मार्च को दर्ज एफआईआर के आधार पर दर्ज किया गया।

अशोक खरात और अन्य पर महिलाओं समेत निर्दोष पीड़ितों से जबरन वसूली, धार्मिक हेरफेर, नशीली दवाओं के प्रभाव में हमला आदि के आरोप हैं।

प्रारंभिक जांच में पता चला कि अशोक खरात ने नासिक जिले स्थित दो सहकारी ऋण समितियों में विभिन्न तृतीय पक्षों के नाम पर कई बैंक खाते खोले हैं, लेकिन वह उन सभी खातों में नॉमिनी के रूप में दर्ज था।

उसने इन सभी फर्जी खातों में अपना मोबाइल नंबर भी जोड़ा है, ताकि इन खातों के संचालन पर नियंत्रण रख सके।

जांच में यह भी पता चला है कि अशोक खरात आम वस्तुओं को पवित्र वस्तु बताकर बेचता था और दावा करता था कि उनमें दिव्य उपचार शक्तियां हैं। पीड़ितों से और जबरन वसूली के जरिए इकट्ठा की गई रकम को सलाहकार प्रकाश पोफले और उनके बेटों के जरिए विभिन्न जमीनों में निवेश किया गया।

बता दें कि अशोक खरात के खिलाफ नासिक, शिर्डी, वावी और सरकारवाड़ा समेत कई पुलिस थानों में पहले से भी कई एफआईआर दर्ज हैं। इन मामलों में उस पर दुष्कर्म, धोखे से यौन संबंध बनाने और अंधविश्वास फैलाने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

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