मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:26 · नई दिल्ली संस्करण

ईडी ने पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को किया गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
ईडी ने पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को किया गिरफ्तार

चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के प्रभावशाली कैबिनेट मंत्रियों में से एक संजीव अरोड़ा को यहां सेक्टर-2 स्थित उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार कर लिया।

यह कार्रवाई ईडी द्वारा वर्ष 2002 के पीएमएलए के तहत संजीव अरोड़ा के आवासों और कार्यालयों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाने के बाद की गई। हालांकि, उनकी गिरफ्तारी को लेकर ईडी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने दावा किया कि संजीव अरोड़ा को कथित जीएसटी धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया है।

शनिवार सुबह से ही ईडी संजीव अरोड़ा से जुड़े चार ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और एक वर्ष में यह तीसरी रेड है। अप्रैल में भी ईडी ने दूसरी बार अरोड़ा के ठिकानों पर छापा मारा था।

अधिकारियों के अनुसार, तलाशी अभियान चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में चलाया गया। जिन परिसरों की तलाशी ली गई, उनमें चंडीगढ़ में कैबिनेट मंत्री के रूप में अरोड़ा को आवंटित सरकारी आवास भी शामिल है।

छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, “आज एक बार फिर भाजपा की ईडी संजीव अरोड़ा के घर पहुंची है।

एक साल में यह तीसरी बार है और पिछले एक महीने में दूसरी बार। फिर भी उन्हें कुछ नहीं मिला।”

उन्होंने आगे लिखा, “मैं मोदी जी को बताना चाहता हूं कि पंजाब गुरुओं की धरती है, जिसे औरंगजेब भी झुका नहीं सका। यह भगत सिंह की धरती है, जिन्होंने अंग्रेजों के सामने कभी सिर नहीं झुकाया। इसलिए पंजाब पीएम मोदी की चालों के सामने कभी नहीं झुकेगा। ईडी-भाजपा के इस अनैतिक गठजोड़ का अंत पंजाब से ही शुरू होगा।”

वर्ष 2024 में लुधियाना (पश्चिम) से विधायक अरोड़ा को औद्योगिक भूमि को आवासीय परियोजनाओं में बदलने से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की छापेमारी का सामना करना पड़ा था। उस समय वह राज्यसभा सांसद थे।

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है, हमने देखा है कि सीबीआई और ईडी भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के बजाय अन्य पार्टियों को तोड़ने और नेताओं को डराकर भाजपा में शामिल कराने का काम कर रही हैं। ईडी की यह कार्रवाई भी उसी दिशा में एक कदम है…”

अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि ईडी की छापेमारी का संबंध हैम्पटन स्काई रियलटी लिमिटेड से जोड़ा गया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “ईडी 100 करोड़ रुपये के कथित फर्जी जीएसटी मोबाइल फोन खरीद और निर्यात रैकेट की जांच कर रही है, जो मनी लॉन्ड्रिंग और दुबई से भारत में धन की अवैध वापसी (राउंड ट्रिपिंग) से जुड़ा हुआ है।

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि मंत्री संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया है। अरोड़ा की ईडी द्वारा गिरफ्तारी ने पंजाब में चल रहे कथित धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के नेटवर्क की गंभीरता को उजागर कर दिया है।

उन्होंने मांग की, “मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह, नितिन गोहल, बीरदेविंदर सिंह और प्रीतपाल सिंह ढींढसा के खिलाफ तुरंत लुकआउट सर्कुलर जारी किए जाएं।

जीएसटी धोखाधड़ी, दुबई से अवैध धन हस्तांतरण और संदिग्ध भूमि सौदों से जुड़े हर व्यक्ति की सख्त जांच होनी चाहिए। किसानों को यह जानने का अधिकार है कि उनकी जमीनें सस्ते में खरीदकर प्रभावशाली गठजोड़ के जरिए भारी मुनाफे पर कैसे बेची गईं।”

मजीठिया ने आरोप लगाया कि पंजाब को भ्रष्टाचार, बिचौलियों और राजनीतिक संरक्षण का केंद्र नहीं बनने दिया जा सकता।

उन्होंने कहा, “अगर राज्य की विजिलेंस विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है, तो वही कानून सत्ताधारी नेताओं और उनके सहयोगियों पर भी समान रूप से लागू होना चाहिए।”

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें