मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 9:23 · नई दिल्ली संस्करण

आर्थिक सर्वेक्षण 2026: वित्त वर्ष 27 में भी काबू में रहेगी महंगाई, मेटल में तेजी से बना रहेगा जोखिम

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
आर्थिक सर्वेक्षण 2026: वित्त वर्ष 27 में भी काबू में रहेगी महंगाई, मेटल में तेजी से बना रहेगा जोखिम

नई दिल्ली। भारत में खुदरा महंगाई दर में वित्त वर्ष 27 में वित्त वर्ष 26 के मुकाबले मामूली बढ़ोतरी देखने को मिलेगी, लेकिन यह काबू में रहेगी। यह जानकारी गुरुवार को सरकार की ओर से जारी किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2026 में दी गई।

सर्वेक्षण में कहा गया कि चालू वित्त वर्ष में महंगाई में तेज नरमी देखने को मिली है और आने वाले समय में इसके आरबीआई की ओर से महंगाई के लिए निर्धारित किए गए लक्ष्य 4 प्रतिशत (+2-2) के बीच में रहने की उम्मीद है।

सर्वेक्षण में कहा गया कि दिसंबर 2025 में आरबीआई ने वित्त वर्ष 26 के लिए महंगाई 2 प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाया है।

वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने वित्त वर्ष 26 में महंगाई दर के 2.8 प्रतिशत रहने की संभावना जाताई है। इसकी वजह देश में खाद्य उत्पादों की कीमतें नरम रहना है।

आर्थिक सर्वेक्षण में वित्त वर्ष 27 में वित्त वर्ष 26 के मुकाबले महंगाई बढ़ने के कई कारकों का जिक्र किया गया है।

आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया कि प्रमुख मेटल जैसे कॉपर, एल्युमिनियम और लोहे की कीमत बढ़ने के साथ वित्त वर्ष 27 में महंगाई बढ़ने का जोखिम बना हुआ है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छ ऊर्जा की ओर से बदलाव और डेटा सेंटर्स में निवेश के कारण इन मेटल की मांग बढ़ रही है। वहीं, आपूर्ति सीमित बनी हुई है। ऐसे में मेटल की कीमत बढ़ने के कारण मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन और पूंजीगत वस्तुओं की इनपुट लागत में इजाफा होगा।

सर्वेक्षण में बताया गया कि वित्त वर्ष 2026 में खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी गिरावट के कारण महंगाई का आधार असामान्य रूप से कम रहा।

इन कम महंगाई दरों ने वार्षिक मुद्रास्फीति के आंकड़ों को काफी हद तक दबा दिया। वित्त वर्ष 2027 में जैसे-जैसे ये अनुकूल आधार प्रभाव कम होते जाएंगे, वैसे-वैसे नए मूल्य दबावों के बिना भी महंगाई में स्वतः वृद्धि होने की उम्मीद है। सर्वेक्षण में इस बात पर जोर दिया गया कि यह सांख्यिकीय प्रभाव अकेले ही आगामी वित्त वर्ष में उच्च महंगाई के आंकड़ों में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

वित्त वर्ष 2026 में महंगाई दर में गिरावट लाने में खाद्य महंगाई ने अहम भूमिका निभाई।

सर्वेक्षण के अनुसार, इसका कारण सामान्य से अधिक मानसूनी बारिश, जलाशयों में पानी का बेहतर स्तर और प्रमुख फसलों की अच्छी पैदावार थी। हालांकि, इसमें यह चेतावनी भी दी गई है कि खाद्य कीमतों में और गिरावट की संभावना सीमित है।

जैसे-जैसे खाद्य कीमतें ऐतिहासिक औसत स्तर की ओर बढ़ेंगी, महंगाई दर में मजबूती आने की उम्मीद है। सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि आपूर्ति-पक्ष प्रबंधन और बफर स्टॉक नीतियां जारी रहेंगी, लेकिन वित्त वर्ष 2027 में खाद्य महंगाई वित्त वर्ष 2026 की तुलना में अधिक रहने की संभावना है।

इसके अलावा सर्वेक्षण में बताया गया कि सोने और चांदी की कीमतों में तेज वृद्धि और डॉलर के मुकाबले रुपए में गिरावट होने के कारण आयात महंगा होने से भी वित्त वर्ष 27 में वित्त वर्ष 26 की तुलना में महंगाई दर अधिक रहेगी।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें