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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:25 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार के गयाजी में पूर्व सांसद रंजीत सिंह के घर पर ड्रग विभाग की छापामारी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बिहार के गयाजी में पूर्व सांसद रंजीत सिंह के घर पर ड्रग विभाग की छापामारी

गया जी। बिहार में गयाजी शहर के पीपरपाती मोहल्ले में ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार को बड़ी छापेमारी कार्रवाई शुरू की। यह कार्रवाई पूर्व सांसद और पूर्व विधायक रंजीत सिंह उर्फ रंग सिंह के आवासीय परिसर में की गई।ड्रग इंस्पेक्टर के नेतृत्व में ड्रग विभाग, कोतवाली थाना पुलिस और अन्य विभागीय अधिकारियों की टीम भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने परिसर को चारों ओर से घेर लिया और अंदर मौजूद कई कमरों, स्टोर रूम तथा गोदामनुमा हिस्सों की गहन तलाशी शुरू कर दी। छापेमारी के दौरान परिसर में आने-जाने पर भी रोक लगा दी गई थी।जांच टीम को परिसर से भारी मात्रा में संदिग्ध और कथित रूप से नकली दवाएं मिली हैं। विभागीय अधिकारी पूरे मामले की जांच पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी देने की बात कह रहे हैं।विभाग को पिछले कुछ समय से इस परिसर में संदिग्ध तरीके से दवाओं के निर्माण, पैकेजिंग और भंडारण की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी।इसी आधार पर ड्रग विभाग ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई। आज सुबह टीम अचानक परिसर में पहुंची और बिना किसी पूर्व सूचना के जांच शुरू कर दी।छापेमारी की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जुटने लगी। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और पूरे दिन कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस ने परिसर के बाहर बैरिकेडिंग कर दी और अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई। किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।मीडिया कर्मियों को भी परिसर के भीतर प्रवेश करने से रोक दिया गया। अधिकारियों ने जांच पूरी होने तक किसी प्रकार की आधिकारिक टिप्पणी करने से परहेज किया। हालांकि सूत्रों का दावा है कि टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और दवाओं से जुड़े पैकेट भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि परिसर में लंबे समय से गतिविधियां चल रही थीं, लेकिन अंदर क्या काम होता था इसकी स्पष्ट जानकारी किसी को नहीं थी। सोमवार को अचानक इतनी बड़ी कार्रवाई होने से लोग हैरान रह गए। कई लोगों ने इसे गया में अब तक की बड़ी दवा छापेमारी कार्रवाइयों में से एक बताया।पूरे मामले में ड्रग विभाग की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद दवाओं के नमूनों को जांच के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दवाएं नकली थीं या मानकों के अनुरूप नहीं थीं। मामले में आगे कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इस कार्रवाई के बाद जिले में अवैध दवा कारोबार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

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