मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:38 · नई दिल्ली संस्करण

उत्तराखंड में यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार, चर्चा के लिए 5 फरवरी को विस का विशेष सत्र : पुष्कर सिंह धामी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
उत्तराखंड में यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार, चर्चा के लिए 5 फरवरी को विस का विशेष सत्र : पुष्कर सिंह धामी

नई दिल्ली। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने घोषणा पत्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का संकल्प लिया था। सरकार गठन के पश्चात इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है। इसे चर्चा के लिए विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा। यह जानकारी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को यहां उत्तराखंड सदन में पत्रकार सम्मेलन में दी।

धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए गठित कमेटी ने 2022 से काम करना शुरू किया था। कमेटी ने रिपोर्ट तैयार कर सौंप दिया है। इस पर चर्चा के लिए उत्तराखंड सरकार का 5 फरवरी को विशेष सत्र बुलाया गया है। संविधान में व्यवस्था है कि समान नागरिक संहिता राज्य सरकारें अपने अपने स्तर पर लागू कर सकती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे प्रधानमंत्री की एक भारत श्रेष्ठ भारत की कल्पना से आगे बढ़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता किसी का विरोध और टारगेट करने के लिए नहीं ला रहे हैं। यह चुनाव में संकल्प था और उत्तराखंड के लोगों ने इसके लिए जनादेश दिया था। इसे लागू करने के लिए विधेयक रूप में लाएंगे। राज्य विधान सभा के सत्र में सभी दलों के सदस्यों के साथ व्यापक चर्चा एवं विचार विमर्श के बाद इसे अधिनियम के रूप में तैयार कर राज्य में लागू कर दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कमेटी ने 43 स्थानों पर लोगों से संवाद किए। वेबपोर्टल भी बनाया गया, जिस पर लोगों ने अपने विचार दिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के 2 लाख 35 हजार लोगों ने हिस्सा लिया और अपने विचार रखे, जिसमें राज्य के कुल 10 प्रतिशत परिवार आते हैं। उन्होंने कहा कि चार खंडों में 740 पेज की रिपोर्ट को विद्वानों ने तैयार किया है। इसमें पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई, सिक्किम के मुख्य न्यायाधीश रहे ओम प्रकाश कोहली, समाज सेवी मनु गौड़ और दून विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर प्रोफेसर सुलेखा डंगवाल और उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंंह शामिल हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें