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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:18 · नई दिल्ली संस्करण

राज्य सेवा के अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही एवं अभियोजन स्वीकृति के 31 प्रकरणों का निस्तारण

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

जयपुर, । सुशासन में राज्यकर्मियों की अहम भूमिका सुनिश्चित करने

के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य सेवा के अधिकारियों के

विरुद्ध लंबित अनुशासनात्मक कार्यवाही एवं अभियोजन स्वीकृति के 31

विचाराधीन प्रकरणों का निस्तारण किया है।

कुल निस्तारित प्रकरणों

में से 14 प्रकरणों में अधिकारियों पर लगाए गए आरोप प्रमाणित होने पर सीसीए

नियम 16 के अंतर्गत दण्डित किया गया, वहीं एक प्रकरण आरोप अप्रमाणित पाए

जाने पर समाप्त किया गया। छह प्रकरणों में सेवानिवृत्त अधिकारियों के

विरुद्ध प्रमाणित आरोपों का अनुमोदन किया गया। मुख्यमंत्री के विचारार्थ

सीसीए नियम 34 में प्रस्तुत दो पुनरावलोकन याचिकाएं संतोषजनक तथ्यों के

अभाव में खारिज की गईं। मुख्यमंत्री शर्मा ने भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन)

अधिनियम, 2018 के अंतर्गत 5 प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति प्रदान की तथा

धारा 17-ए के एक प्रकरण में परिवाद दर्ज कर विस्तृत जांच करवाए जाने की

अनुमति प्रदान की। अनिवार्य सेवानिवृत्ति के एक प्रकरण में नियम 53(4) में

प्रस्तुत अपील को अस्वीकार किया गया, वहीं सीसीए नियम 23 के तहत प्रस्तुत

एक अपील में दण्ड की मात्रा कम की गई।

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