झारखंड में मनी लॉन्ड्रिंग के दो आरोपितों की डिस्चार्ज याचिका खारिज

रांची। सरकारी टेंडर में कमीशन के जरिये करोड़ों रुपये की अवैध कमाई करने और उस कमाई को वैध बनाने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग करने के आरोपित निलंबित इंजीनियर वीरेंद्र राम के सहयोगी नीरज मित्तल और राम प्रकाश भाटिया की डिस्चार्ज याचिका खारिज हो गई है।पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश की कोर्ट ने शुक्रवार को दोनों की डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी है। नीरज मित्तल और राम प्रकाश भाटिया पर जेल में बंद निलंबित इंजीनियर वीरेन्द्र राम के पैसों के निवेश में सहायता करने का आरोप है। इन्हें ईडी ने दिल्ली से गिरफ्तार किया था। इनके खिलाफ ईडी आरोप पत्र भी दाखिल कर चुकी है। इसपर कोर्ट संज्ञान भी ले चुका है।





