मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:58 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की भूकंप आपदा के लिए एस ओपी निर्माण पर बैठक

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

पटना। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सभागार में गुरुवार को भूकंप आपदा में प्रतिक्रिया के लिए राज्य के लिए मानक संचालन प्रक्रिया के निर्माण को लेकर एक बैठक आयोजित की गई।बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों से भूकंप आपदा के संदर्भ में सुझाव और विचार आमंत्रित किए गए। इसके साथ ही, एनडीआरएफ द्वारा निर्मित एस ओपी पर बिहार के संदर्भ में गहन चर्चा की गई। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा तैयार किए गए एस ओपी ड्राफ्ट का उपाध्यक्ष ने अवलोकन किया और इस पर अपने सुझाव दिए। उन्होंने एस ओपी निर्माण प्रक्रिया में नवीन तकनीकों के समन्वय पर बल दिया।बैठक में यह चर्चा की गई कि आपदा के समय ड्रोन की भूमिका क्या हो सकती है, और एआई/मशीन लर्निंग तकनीकों का उपयोग कैसे किया जा सकता है। साथ ही, बीएसडीआरएन एप के माध्यम से आपदा के दौरान जरूरी संसाधनों की मदद से जान-माल की क्षति को कम करने पर भी विचार किया गया।सदस्य पीएन राय ने भूकंप आपदा की स्थिति में समुचित प्रतिक्रिया के लिए राज्य में एस ओपी की आवश्यकता और औचित्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी कहा कि एस ओपी के माध्यम से प्रत्येक विभाग और एजेंसी के दायित्व और संसाधन स्पष्ट किए जाने चाहिए।बैठक में सभी हितधारक विभागों और संस्थाओं के पदाधिकारियों से विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद, आपदा प्रबंधन विभाग के पदाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया, जिसमें हितधारक विभागों के प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में नामित किया गया। इस समिति को एस ओपी के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें