मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:58 · नई दिल्ली संस्करण

धार वन मंडल ने 589.63 हैक्टेयर वन भूमि को कराया अतिक्रमण मुक्त, सागौन रूट-शूट से होगा पुनर्वनीकरण

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
धार वन मंडल ने 589.63 हैक्टेयर वन भूमि को कराया अतिक्रमण मुक्त, सागौन रूट-शूट से होगा पुनर्वनीकरण

- अतिक्रमणकारियों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी

भोपाल। मध्य प्रदेश के धार वन मंडल ने वन भूमि संरक्षण एवं अतिक्रमण नियंत्रण अभियान के तहत जनवरी से मई 2026 के बीच कड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 589.63 हैक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई वन विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, पुलिस, ग्राम वन समितियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से 7 वन परिक्षेत्रों में का गई।

जनसंपर्क अधिकारी केके जोशी ने बुधवार को बताया कि विभागीय कार्रवाई में वन परिक्षेत्र धार में 100.55 हैक्टेयर, धामनोद में 35.10हैक्टेयर, मांडव में 50.78 हैक्टेयर, सरदारपुर में 50.62 हैक्टेयर, टांडा में 93.76 हैक्टेयर, बाग में 202.82 हैक्टेयर तथा कुक्षी में 56.00 हैक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। धार वन मंडल में कुल 589.63 हैक्टेयर वन भूमि पुनः वन विभाग के संरक्षण में लाई गई। अभियान का उद्देश्य वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कर उसका पुनर्वनीकरण करते हुए प्राकृतिक वन संपदा का संरक्षण एवं संवर्धन करना है। अतिक्रमण से मुक्त कराई गई भूमि पर सागौन रूट-शूट की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अधिकारियों एवं मैदानी कर्मचारियों को वैज्ञानिक पद्धति से सागौन रूट-शूट रोपण, पौध संरक्षण एवं रखरखाव का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें। वन भूमि सार्वजनिक एवं प्राकृतिक संपदा है, जिसका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वन मंडल अधिकारी विजयानंथम टी.आर. ने चेतावनी दी है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति वन भूमि पर अतिक्रमण करता है अथवा ऐसा करने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम, 1927 तथा अन्य प्रासंगिक वैधानिक प्रावधानों के तहत आपराधिक प्रकरण वन विभाग के साथ पुलिस में भी एफआईआर भी दर्ज कराई जायेगी।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें