संयुक्त राष्ट्र पदक से भारतीय शांतिरक्षक नायक धनंजय कुमार सिंह मरणोपरांत सम्मानित
संयुक्त
राष्ट्र,। संयुक्त राष्ट्र के तहत सेवा देने के दौरान अपनी
जान गंवाने वाले भारतीय शांतिरक्षक नायक धनंजय कुमार सिंह उन 60 से अधिक
सैन्य, पुलिस और नागरिक शांतिक्षकों में शामिल हैं जिन्हें कर्तव्य के
दौरान सर्वोच्च बलिदान के लिए गुरुवार को यहां मरणोपरांत प्रतिष्ठित
संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित किया गया। इसी अवसर पर भारतीय शांतिरक्षक
मेजर राधिका सेन को ‘2023 यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर
अवार्ड’ प्रदान किया गया।
नाइक धनंजय कुमार सिंह
ने ‘यूनाइटेड नेशन्स ऑर्गेनाइजेशन स्टैबिलाइजेशन मिशन इन द डेमोक्रेटिक
रिपब्लिक ऑफ द कांगो’ (एमओएनयूएससीओ) के तहत काम किया था। उन्हें संयुक्त
राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक दिवस के
उपलक्ष्य में आयोजित एक समारोह के दौरान मरणोपरांत ‘डैग हैमरस्कजॉल्ड’ पदक
से सम्मानित किया गया। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि
रुचिरा कंबोज ने संरा महासचिव एंतोनियो गुतारेस से यह पदक प्राप्त
किया।‘यूनाइटेड नेशन्स ऑर्गेनाइजेशन स्टैबिलाइजेशन मिशन इन द डेमोक्रेटिक
रिपब्लिक ऑफ द कांगो’ (मोनुस्को) में सेवा दे चुकीं मेजर सेन को भी विश्व
निकाय के मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र महासचिव
एंतोनियो गुतारेस ने प्रतिष्ठित ‘2023 यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर
एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड’ से सम्मानित किया।वर्ष 2016 में स्थापित यूनाइटेड
नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट अवार्ड शांति और सुरक्षा पर संयुक्त राष्ट्र
सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1325 के सिद्धांतों को बढ़ावा देने में
शांतिरक्षक के समर्पण और प्रयासों को मान्यता देता है।वह मेजर सुमन गवानी
के बाद इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को पाने वाली दूसरी भारतीय शांति रक्षक हैं।
मेजर गवानी ने दक्षिणी सूडान में संयुक्त राष्ट्र के मिशन में सेवा दी थी
और उन्हें 2019 में इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।





