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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:43 · नई दिल्ली संस्करण

बांध टूटने से तबाही, एक हजार घर जलमग्न; हजारों की आबादी संकट में

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बांध टूटने से तबाही, एक हजार घर जलमग्न; हजारों की आबादी संकट में

भागलपुर। जिले के खरीक प्रखंड स्थित राघोपुर-शंकरपुर (काजीकोरैया) मुख्य जमींदारी बांध (मार्जिनल बांध) के एक बड़ा हिस्से के टूटने के बाद से क्षेत्र में बाढ़ का गंभीर संकट पैदा हो गया है।

बांध टूटने के कारण अकेले राघोपुर गांव की करीब 5,000 से अधिक की आबादी और 1,000 से अधिक घर सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। घरों में बाढ़ का पानी तेजी से प्रवेश कर रहा है। रात के अंधेरे में बांध टूटने और पानी घुसने की खबर से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों में वर्ष 2008 की प्रलयंकारी बाढ़ जैसा खौफ देखा जा रहा है।

गंगा का उफनता पानी बड़ी तेजी से नवगछिया शहर और निचले रिहायशी तथा कृषि इलाकों की ओर बढ़ रहा है। खरीक प्रखंड के राघोपुर, लोकमानपुर, उस्मानपुर, शंकरपुर और तुलसीपुर समेत दर्जनों गांवों पर जलमग्न होने का सीधा खतरा मंडरा रहा है।

सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे, नवगछिया के एसडीओ, आपदा प्रबंधन विभाग के अपर समाहर्ता और पुलिस प्रशासन की टीम तुरंत शंकरपुर स्थित घटनास्थल पर पहुंची। सभी अधिकारी और तकनीकी टीम वहां कैंप कर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

प्रशासन की ओर से आपदा प्रबंधन की टीमों को मुस्तैद कर दिया गया है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाने का काम शुरू किया गया है।

डीएम ने ने प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों से धैर्य बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। वहीं बाढ़ के पानी के फैलाव को रोकने और बांध के दोनों कोनों को सुरक्षित करने के लिए टूटे हुए हिस्से पर तुरंत रिंग बांध बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।

जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख वरुण कुमार अपनी पूरी टीम के साथ मौके पर डटे हैं। कटाव रोकने के लिए करीब 250 लाख सैंडबैग, जियो बैग, 20 नावें, 16 ट्रैक्टर और 3 जेसीबी मशीनें चौबीसों घंटे काम में लगाई गई हैं।

पटना से भी एक विशेष तकनीकी टीम निगरानी के लिए बुलाई गई है। वहीं गंगा नदी के जलस्तर के दबाव को कम करने के लिए बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग ने फरक्का बराज के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर तुरंत पानी छोड़ने का अनुरोध किया है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस संबंध में उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सुरक्षा और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।

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