मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:24 · नई दिल्ली संस्करण

सिक्किम के लिए दो लोकसभा सीटों की मांग, सांसद इंद्र हांग सुब्बा ने संसद में उठाया मुद्दा

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
सिक्किम के लिए दो लोकसभा सीटों की मांग, सांसद इंद्र हांग सुब्बा ने संसद में उठाया मुद्दा

नई दिल्ली। संसद के विशेष सत्र में देर रात नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा हुई। इस दौरान सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) के सांसद डॉ. इंद्र हांग सुब्बा ने लोकसभा में अपनी बात रखी। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) के क्रियान्वयन के लिए लाए गए संविधान संशोधन विधेयक का पूर्ण समर्थन किया और सिक्किम की लोकसभा सीट बढ़ाने और लिंबू-तामंग समुदायों को न्याय देने की मांग की।

सुब्बा ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए सभापति का आभार जताया और कहा, "सभापति का बहुत-बहुत धन्यवाद कि इस महत्वपूर्ण बिल में मुझे बोलने का मौका दिया। हम खुद को बहुत खुशनसीब मानते हैं कि 17वीं लोकसभा के दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित करने में भागीदारी का मौका मिला और आज इसके क्रियान्वयन के लिए लाए गए संविधान संशोधन में भी अपना विचार रख पा रहे हैं।

उन्होंने सिक्किम की नारी शक्ति की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आभार व्यक्त किया। एसकेएम पार्टी और मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामंग की ओर से उन्होंने इस संशोधन बिल और डीलिमिटेशन बिल 2026 का समर्थन किया।

सुब्बा ने कहा कि महिला आरक्षण का बिल कई दशक पहले लाना चाहिए था, लेकिन अब देर सही, पर सही समय पर आया है। सरकार का 2029 से पहले इसे लागू करने का विचार सराहनीय है।

उन्होंने जोर दिया कि पुरुष प्रधान समाज की वजह से राजनीतिक प्रतिनिधित्व में महिलाओं की भागीदारी कम रही है। आरक्षण से नीति निर्माण और कानून बनाने में माताओं-बहनों की ज्यादा भूमिका सुनिश्चित होगी।

उन्होंने कहा, "देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने में नारी शक्ति का योगदान बहुत बड़ा होगा। शिक्षा, शोध, स्पेस टेक्नोलॉजी या अन्य क्षेत्रों में महिलाओं की क्षमता में कोई कमी नहीं है। पिछले कुछ दशकों में उन्होंने जो योगदान दिया है, उससे साबित होता है कि केवल सामाजिक पूर्वाग्रहों की वजह से उन्हें राजनीति में मौका नहीं मिल पाया।

सुब्बा ने सिक्किम को विशेष राज्य बताते हुए अनुच्छेद 371एफ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान पूरे भारत की विविधता को समाहित करता है। डीलिमिटेशन प्रक्रिया में इस संवैधानिक गारंटी का पूरा सम्मान किया जाए। लोकसभा सीटों को 800 से अधिक करने के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए सुब्बा ने मांग की कि सिक्किम की वर्तमान एक लोकसभा सीट को बढ़ाकर दो कर दी जाए।

इससे सिक्किम के विविध परिप्रेक्ष्य को बेहतर प्रतिनिधित्व मिलेगा। यदि इनमें से एक सीट महिला आरक्षण के लिए रखी जाए तो और भी बेहतर होगा।

एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए सुब्बा ने कहा कि 2003 में लिंबू और तामंग समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) घोषित किया गया था, लेकिन उस समय के डीलिमिटेशन में उन्हें एसटी सीट नहीं दी गई। पिछले पांच चुनावों में यह मांग पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि नए डीलिमिटेशन में लिंबू-तामंग समुदाय को एसटी आरक्षण का न्याय मिले।

अंत में सांसद सुब्बा ने कहा, "भारत की शक्ति उसकी विविधता में एकता में है।

मैं इस विधेयक के उद्देश्य का समर्थन करता हूं, लेकिन सरकार से अनुरोध है कि इस प्रक्रिया को संवेदनशीलता और समावेशिता के साथ लागू किया जाए। विशेष रूप से सिक्किम जैसे छोटे राज्यों और लिंबू-तामंग जैसे समुदायों की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षाओं को ध्यान में रखा जाए।"

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें