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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:33 · नई दिल्ली संस्करण

आईएमए और झासा की बैठक में , आइएमए ने की डॉक्टरों लिए पांच करोड़ रुपए के बीमा की मांग

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
आईएमए और झासा की बैठक में , आइएमए ने की डॉक्टरों लिए पांच करोड़ रुपए के बीमा की मांग

आईएमए और झासा की बैठक में , आइएमए ने की डॉक्टरों लिए पांच करोड़ रुपए के बीमा की मांग

रांची: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के झारखंड चैप्टर और झारखंड राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ (झासा) की बैठक मंगलवार को करमटोली स्थित आईएमए भवन में हुई। बैठक में 15 लंबित मांगों पर चर्चा हुई। आइएमए झारखंड चैप्टर और झासा ने डॉक्टरों के लिए पांच करोड़ रुपए बीमा की मांग की है। साथ ही कहा कि डॉक्टरों को सुरक्षा की दृष्टिकोण से अंचल अधिकारी के समक्ष शक्ति मिले । स्थाई विकलांगता या मृत्यू की स्थिति में न्यूनतम पांच करोड़ का स्वास्थ्य बीमा हो। बैठक में आईएमए झारखंड चैप्टर के अध्यक्ष डॉक्टर एके सिंह ने कहा कि देश के 23 राज्यों में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू है। झारखंड राज्य में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट 23 मार्च, 2023 को ही कैबिनेट से पारित हुआ। विधानसभा के पटल पर रखा गया। विधानसभा में बहस के बाद इसे प्रवर समिति को सौंप दिया गया। इस आशय के साथ कि एक महीने के अंदर समिति की रिपोर्ट सौंप दी जाए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इस पर अभी तक कुछ भी नहीं किया गया। एके सिंह ने कहा कि लंबित मांगों को विभाग और सरकार की ओर से पूरा नहीं किया गया तो लोकसभा चुनाव के बाद संगठन ठोस निर्णय लेने के लिए मजबूर होगा, जिसकी सारी जिम्मेवारी विभाग और सरकार की होगी।उन्होंने कहा कि लंबित मांगों को लेकर डॉक्टरों में काफी रोष है। साथ ही कहा कि हमारी मांगों में डॉक्टरों को पांच करोड़ रुपये बीमा देने, मिक्सोपैथी के प्रयास को तत्काल प्रभाव से रोकने सहित अन्य मांग शामिल है।आईएमए के महासचिव डॉ प्रदीप सिंह ने कहा कि 50 बेड तक के छोटे और मध्यम स्तर के अस्पताल और क्लीनिक को क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एवं रेगुलेशन) एक्ट 2010 से मुक्त किया जाए। निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं की अध्यक्षता और आईएमए की सहभागिता में एक टीम बनाई गई थी। इसने क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का फाइनल प्रारूप तैयार किया और विभाग को सौंपा। फाइल विगत एक साल से विभाग में यथावत पड़ी हुई है। बैठक में आईएमए के आर दास, डॉ बीपी कश्यप, झासा के डॉ विमलेश सिंह, डॉ टीपी साहा, डॉ ठाकुर मृत्युंजय सहित अन्य डॉक्टर मौजूद थे।

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