भय, अराजकता और अपराधों की राजधानी बनती दिल्ली: देवेन्द्र यादव का भाजपा सरकार पर बड़ा हमला, कहा – दिल्ली अब चार इंजन नहीं, चार संकटों की सरकार से ग्रस्त है"

भय, अराजकता और अपराधों की राजधानी बनती दिल्ली: देवेन्द्र यादव का भाजपा सरकार पर बड़ा हमला, कहा – दिल्ली अब चार इंजन नहीं, चार संकटों की सरकार से ग्रस्त है"
नई दिल्ली, 16 जुलाई 2025 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने राजधानी दिल्ली में बढ़ते अपराधों और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केंद्र समर्थित चार इंजन वाली दिल्ली सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि दिल्लीवासी आज खुद को न सिर्फ सड़कों पर, बल्कि अपने घरों की चारदीवारी के भीतर भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हत्या, बलात्कार, झपटमारी, फिरौती, नशे का कारोबार, साइबर क्राइम और अपहरण जैसे संगीन अपराधों में हर दिन वृद्धि हो रही है, जबकि भाजपा सरकार चैन की बंसी बजा रही है।
यादव ने कहा कि दिल्ली में भाजपा की "चार इंजन सरकार" – केंद्र सरकार, उपराज्यपाल कार्यालय, दिल्ली पुलिस और नगर निगम – पूरी तरह विफल साबित हुई है। चारों इंजन आज दिल्ली की जनता को सुरक्षा देने के बजाय एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालने में लगे हैं। अपराधियों को खुली छूट मिल चुकी है, और राजधानी अराजकता, भय और असुरक्षा की गिरफ्त में है।
अपराध के आँकड़े डरावने, भाजपा सरकार बेपरवाह
देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली पुलिस और भाजपा सरकार अपराधों में सुधार का झूठा दावा कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत बेहद डरावनी है। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी से 30 जून 2025 तक के बीच दिल्ली में भारतीय दंड संहिता और भारतीय न्याय संहिता के तहत 1,18,822 आपराधिक मामले दर्ज हुए। इनमें से कई मामले इतने गंभीर हैं कि किसी भी सभ्य समाज को झकझोर कर रख दें।
● हर दिन औसतन 5 बलात्कार के मामले सामने आ रहे हैं
● 2 हत्या, 18 झपटमारी, और 3 डकैती जैसे अपराधों की रोजाना रिपोर्टिंग हो रही है
● एनडीपीएस एक्ट के तहत हर दिन 5 नए मामले नशीले पदार्थों की जब्ती के दर्ज हो रहे हैं
● 6 महीनों में 17,512 वाहन चोरी, 2,716 अपहरण, 863 छेड़छाड़, और सैकड़ों अज्ञात झपटमारी के मामले दर्ज हैं
● घरेलू हिंसा, वरिष्ठ नागरिकों की हत्याएं, और महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं
श्री यादव ने कहा कि यह सिर्फ दर्ज आंकड़े हैं, जबकि वास्तविकता इससे कहीं अधिक भयावह है, क्योंकि बड़ी संख्या में मामले पुलिस की उपेक्षा और डर के चलते दर्ज ही नहीं हो पाते।
स्कूलों को उड़ाने की धमकी: बच्चों तक को नहीं छोड़ रहा अपराध का साया
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि बीते तीन दिनों में दिल्ली के 10 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी ईमेल के माध्यम से मिलना क्या कानून व्यवस्था की धज्जियाँ उड़ने का प्रमाण नहीं है? क्या यह नहीं दर्शाता कि अब दिल्ली में मासूम बच्चों की जान भी सुरक्षित नहीं है? उन्होंने कहा कि सरकार की निष्क्रियता ने अपराधियों के मन से डर खत्म कर दिया है।
मुख्यमंत्री और गृहमंत्री व्यस्त हैं आत्ममुग्धता और प्रचार में
देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री, जो स्वयं जनता को भयमुक्त प्रशासन देने का दावा करती रही हैं, और केंद्रीय गृह मंत्री, जिनके अधीन दिल्ली पुलिस आती है – दोनों आज अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी से भागते नजर आ रहे हैं। एक तरफ राजधानी जल रही है, जनता डरी हुई है, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता मीडिया मैनेजमेंट और इवेंटबाजी में व्यस्त हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि गृहमंत्री के अधीन पुलिस के पास संसाधन होने के बावजूद, ना तो गश्त बढ़ाई गई है, ना ही रैपिड रिस्पॉन्स सिस्टम मजबूत किया गया है। हद तो यह है कि कई वारदातों में पुलिस घंटों बाद पहुंचती है, और केस बंद करने की बजाय पीड़ित को ही दोषी ठहराने की कोशिश करती है।
बेरोजगारी और नशे ने युवा को धकेला अपराध की ओर
कांग्रेस अध्यक्ष ने दिल्ली में बढ़ती बेरोजगारी को भी अपराधों का मूल कारण बताया। उन्होंने कहा कि नौकरी के अवसर खत्म हो चुके हैं, और युवा नशे और अपराध की गिरफ्त में आ रहा है। भाजपा की केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों इस सामाजिक विस्फोट के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के हाथों में रोजगार की जगह अब हथियार, ड्रग्स और अपराध की फ़ाइलें आ गई हैं।
राजधानी का पतन: इतिहास में पहली बार ऐसा भय
देवेन्द्र यादव ने कड़े शब्दों में कहा कि दिल्ली के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि लोग घर में बैठकर भी चैन की नींद नहीं ले सकते। महिलाएं घर से बाहर निकलने में डर रही हैं, बुज़ुर्गों पर हमले हो रहे हैं, और व्यापारी वर्ग भय के साये में जी रहा है। यह सब एक असंवेदनशील, अक्षम और गैर-जवाबदेह सरकार की देन है।
भाजपा शासन में न्याय नहीं, भय है — और यह बदलाव की दस्तक है
अंत में देवेन्द्र यादव ने कहा कि जनता अब भाजपा की सच्चाई जान चुकी है। 11 सालों से दिल्ली में अपराधों में दोगुनी बढ़ोत्तरी हुई है, और अब जनता बदलाव के मूड में है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो जनता सड़कों पर उतरकर इस निकम्मी और डर फैलाने वाली सरकार को उखाड़ फेंकेगी। भाजपा का शासन अब “सुशासन” नहीं बल्कि “भय शासन” बन चुका है — और यह लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है।





