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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:50 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली शब्दोत्सव 2026 : लेखिका अमी गणत्रा ने कहा- समाज को रामराज्य की ओर लेकर जाना है तो श्रीराम जैसा बनना पड़ेगा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दिल्ली शब्दोत्सव 2026 : लेखिका अमी गणत्रा ने कहा- समाज को रामराज्य की ओर लेकर जाना है तो श्रीराम जैसा बनना पड़ेगा

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में आयोजित 'दिल्ली शब्दोत्सव 2026' कार्यक्रम के दूसरे दिन 'हिंदू इतिहास' के विषय पर चर्चा की गई है। कई लेखकों और इतिहासकारों ने भारतीय साहित्य और संस्कृति को लेकर अपने विचार रखे। इस दौरान लेखिका अमी गणत्रा ने कहा कि समाज को रामराज्य की ओर लेकर जाना है तो श्रीराम जैसा बनना पड़ेगा।

'हिंदू इतिहास' के सेशन में लेखिका अमी गणत्रा ने भगवान राम को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि श्रीराम के होने का कोई सबूत नहीं चाहिए होता है। श्रीराम हमारे लिए इतिहास पुरुष हैं। वह हमेशा रहे हैं और हमारे लिए जीवंत हैं। श्री राम ने हमारे समाज के लिए मूल्य स्थापित करने का काम किया है।

उन्होंने कहा, "समाज को रामराज्य की ओर लेकर जाना है तो उसके लिए श्रीराम जैसा बनना पड़ेगा। मुझे नहीं लगता कि श्रीराम पर प्रश्न किसी ने देश की स्वतंत्रता तक भी उठाए हैं। जो प्रश्न उठने शुरू हुए, वो सिर्फ राजनीति के अंतर्गत हुए।

अदालतों में भगवान राम के होने के सबूत मांगे गए। यह हिंदुओं की सहन शक्ति है कि उन्होंने अदालतों में भगवान राम के होने के सबूत भी दिए और कोर्ट को भी मानना पड़ा।"

वहीं, आरएसएस के दिल्ली प्रदेश महासचिव अनिल गुप्ता ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि धर्म और संस्कृति को समझाना पहले कठिन था, लेकिन आज के दौर में यह बिल्कुल सरल हो चुका है। यह 'जेन-जी' के लिए भी समझना आसान हो चुका है।

आजकल देश के युवा धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं। एक दौर में 40-50 साल की उम्र के भजन गायक हुआ करते थे, लेकिन अभी 20 से 25 साल की उम्र के भजन गायक हैं।

अनिल गुप्ता ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी कमाल कर रही है। उन्हें भजन और धर्म का महत्व समझ आ रहा है।

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