मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:20 · नई दिल्ली संस्करण

हाई कोर्ट ने दिल्ली दंगों के आरोप तय करने पर 23 सितंबर तक रोक लगाई

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट में जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की बेंच ने दिल्ली दंगों की साजिश रचने के मामले की सुनवाई कर रहे ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया है कि वो आरोप तय करने के मामले में 23 सितंबर तक अंतिम आदेश पारित नहीं करें।दरअसल, इस मामले की एक आरोपित पिंजरा तोड़ संगठन की सदस्य देवांगन कलीता ने जाफराबाद में फरवरी, 2020 को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शन के वीडियो फुटेज की कॉपी मांगने वाली याचिका दायर की है। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने कहा कि उनके पास केस की फाइल नहीं है। उन्होंने सुनवाई टालने की मांग की। इसका देवांगन कलीता की ओर से पेश वकील ने विरोध करते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट में आरोप तय करने पर दलीलें रखी जा रही हैं। उसके बाद हाई कोर्ट ने इस मामले पर 23 सितंबर को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने का आदेश देते हुए ट्रायल कोर्ट को आदेश दिया कि वो 23 सितंबर तक आरोप तय करने पर कोई भी अंतिम आदेश जारी नहीं करें। हाई कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट आरोप तय करने पर दलीलें सुन सकता है लेकिन वो अंतिम आदेश जारी नहीं करे।याचिका में देवांगन कलीता ने 23 फरवरी 2020 को जाफराबाद में हुए प्रदर्शन की फुटेज की कॉपी देने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि पुलिस ने इस मामले में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है, उसके बावजूद उसे इलेक्ट्रॉनिक तथ्य उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। कलीता पर आरोप है कि उसने 22 फरवरी, 2020 को जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास सड़क जाम करने के लिए लोगों को उकसाया था। कलीता को यूएपीए के मामले में जमानत मिल चुकी है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 लोग मारे गए थे और करीब दो सौ लोग घायल हो गए थे।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें