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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 10:18 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन मिलाप, अप्रैल में 194 गुमशुदा लोगों को परिवार से मिलवाया

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन मिलाप, अप्रैल में 194 गुमशुदा लोगों को परिवार से मिलवाया

नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने अप्रैल 2026 के दौरान ऑपरेशन मिलाप के तहत कुल 194 लोगों को उनके परिवारों से मिलवाया है। इनमें 45 नाबालिग बच्चे और 149 वयस्क शामिल हैं। यह पूरा अभियान 1 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच चलाया गया और इसमें पुलिस की कई टीमों ने मिलकर लगातार काम किया।

पुलिस के मुताबिक यह ऑपरेशन सिर्फ एक औपचारिक कार्रवाई नहीं है, बल्कि एक मानवीय पहल है, जिसका मकसद हर गुमशुदा व्यक्ति को ढूंढकर सुरक्षित घर पहुंचाना है। इस साल की शुरुआत यानी 1 जनवरी से 30 अप्रैल तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो दक्षिण-पश्चिम जिले में कुल 542 लोगों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाया गया है।

इनमें 143 बच्चे और 399 वयस्क शामिल हैं।

जब भी किसी व्यक्ति के लापता होने या अपहरण की शिकायत मिलती है, तो पुलिस तुरंत एक्शन में आ जाती है। स्पेशल टीमें बनाई जाती हैं और अलग-अलग जगहों पर तलाशी अभियान शुरू किया जाता है। इसमें कई तरह के तरीके अपनाए जाते हैं जैसे इलाके में पूछताछ करना, सीसीटीवी फुटेज खंगालना और लापता लोगों की तस्वीरें बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, ऑटो स्टैंड और ई-रिक्शा स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगाना।

इसके अलावा पुलिस बस चालकों, कंडक्टरों, रेहड़ी-पटरी वालों और स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाती है ताकि किसी भी तरह का सुराग मिल सके। कई बार छोटे-छोटे संकेत भी बड़ी मदद बन जाते हैं। साथ ही पुलिस आसपास के थानों और अस्पतालों के रिकॉर्ड भी जांचती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई जानकारी छूट न जाए। इन लगातार कोशिशों का ही नतीजा है कि अप्रैल महीने में 194 लोगों को खोजकर सुरक्षित उनके घर पहुंचाया गया।

अलग-अलग थानों की भूमिका भी इस पूरे अभियान में काफी अहम रही।

जैसे वसंत विहार थाने ने तीन नाबालिग लड़कियों और तीन वयस्क महिलाओं को खोजा और उन्हें परिवार से मिलाया। साउथ कैंपस थाना ने दो नाबालिग बच्चों को ढूंढा, जिनमें एक लड़का और एक लड़की शामिल थे।

वसंत कुंज नॉर्थ थाना ने सात लोगों को ट्रेस किया, जिनमें छह पुरुष और एक महिला थी। वहीं वसंत कुंज साउथ थाना ने तीन नाबालिग लड़कियों सहित कुल दस लोगों को खोजा।

कापसहेड़ा थाना ने इस ऑपरेशन में काफी बड़ी सफलता हासिल की। उन्होंने आठ नाबालिग बच्चों को ढूंढा, जिनमें एक लड़का और सात लड़कियां शामिल थीं। इसके अलावा 21 वयस्कों को भी ट्रेस किया गया।

पालम विलेज थाना ने भी तीन बच्चों और चार महिलाओं को उनके परिवार तक पहुंचाया।

सागरपुर थाना ने दो नाबालिग लड़कियों और 11 अन्य लोगों को खोजा। दिल्ली कैंट थाना ने एक नाबालिग लड़के सहित कुल 29 लोगों को ट्रेस किया, जो इस अभियान की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

सरोजिनी नगर, सफदरजंग एन्क्लेव और किशनगढ़ जैसे थानों ने भी कई लोगों को खोजने में मदद की।

वहीं विशेष इकाइयों की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण रही। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने 14 नाबालिग बच्चों को खोजा, जबकि डिस्ट्रिक्ट मिसिंग पर्सन्स यूनिट ने छह लापता नाबालिग लड़कियों के साथ-साथ 25 पुरुषों और 28 महिलाओं सहित 53 लापता वयस्कों का पता लगाया।

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