दिल्ली पुलिस का ‘ऑपरेशन मिलाप’ बना मासूम की मुस्कान की वजह — 3 साल का खोया बच्चा एक घंटे में परिवार से मिलवाया गया

दिल्ली पुलिस न केवल कानून व्यवस्था की प्रहरी है, बल्कि हर नागरिक की सुरक्षा और भावनात्मक संवेदनाओं की सच्ची संरक्षक भी है।
नई दिल्ली, 30 जून 2025 — जब
कोई बच्चा घर से बिछड़ जाता है, तो हर बीतता पल एक परिवार के लिए सदमे
और बेचैनी से भरा होता है। लेकिन दिल्ली पुलिस की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता
ने एक ऐसी ही स्थिति को दुख से राहत और डर से उम्मीद में बदल दिया। सदर बाजार थाना क्षेत्र की पुलिस टीम ने
‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत एक 3 वर्षीय
बच्चे को मात्र एक घंटे में उसके माता-पिता से मिलाकर मानवता और जिम्मेदारी की अनूठी
मिसाल पेश की।
घटना 29 जून की शाम करीब 6
बजे की है, जब हेड कांस्टेबल रोहित और कांस्टेबल नवाब, एसआई आकाशदीप (प्रभारी पीपी आहाता किदारा) के नेतृत्व में
नियमित गश्त पर थे। बारा
टूटी चौक के
पास उन्होंने एक मासूम बच्चे को अकेला, डरा-सहमा
और रोते हुए देखा। बच्चा न तो अपने नाम के बारे में बता पा रहा था और न ही अपने घर
के बारे में। बिना समय गंवाए, टीम ने बच्चे को सुरक्षित अपनी निगरानी
में लिया और तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
ड्यूटी पर मौजूद महिला उपनिरीक्षक दीपिका भी
तुरंत टीम के साथ जुड़ गईं और बच्चे की पहचान व परिवार की तलाश शुरू की गई। बच्चे
को भावनात्मक सहारा देने के लिए उसे बिस्किट और आइसक्रीम दी गई, जिससे उसका भय कुछ कम हो सका।
बच्चे के लापता होने की जानकारी स्थानीय मंदिरों, पुलिस बूथों और आस-पास के दुकानदारों, राहगीरों
के माध्यम से साझा की गई। साथ ही पुलिस कर्मियों और RWA/MWA व्हाट्सएप
ग्रुप्स में बच्चे की तस्वीर भेजी गई। प्रयासों में तेजी लाते हुए, आस-पास के थानों में भी सूचना साझा की गई।
लगातार और समर्पित प्रयासों के चलते, बच्चे के पिता विनय, निवासी
गली बरना, सदर बाजार, को
एक घंटे के भीतर तलाश लिया गया। वे खुद भी अपने बेटे की तलाश में थे और पुलिस
स्टेशन पहुंचने ही वाले थे। उन्होंने बताया कि उनका बेटा अन्य बच्चों के साथ गली में खेल रहा था, लेकिन खेल-खेल में वह बारा टूटी चौक की ओर निकल गया और रास्ता भटक गया। बच्चे की गुमशुदगी में किसी
तरह की आपराधिक आशंका नहीं पाई गई।
थोड़ी ही देर बाद, बच्चे
को संपूर्ण सत्यापन के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया गया।
बच्चे के चेहरे पर मुस्कान और माता-पिता की आंखों में आभार था — और यह सब संभव हो सका दिल्ली पुलिस के ‘ऑपरेशन
मिलाप’ की मुहिम, मानवीय दृष्टिकोण और टीम की मुस्तैदी से।
उपायुक्त पुलिस (उत्तर जिला), राजा बंथिया ने इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस टीम की पीठ थपथपाई





