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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:36 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया, तीन गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया, तीन गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की साइबर थाना सेंट्रल टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बैंक अकाउंट किट, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड उपलब्ध कराकर ऑनलाइन साइबर ठगी को अंजाम देने वाले नेटवर्क के लिए काम कर रहा था।

पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को पेटीएम कर्मचारी बताकर भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते थे। केवाईसी अपडेट या पेटीएम सेटिंग अपडेट करने के बहाने मोबाइल फोन तक पहुंच हासिल कर खाते से रकम उड़ा लेते थे।

यह पूरा मामला उस वक्त सामने आया जब साउथ पटेल नगर निवासी एक चाय विक्रेता ने साइबर थाना सेंट्रल में शिकायत दर्ज कराई।

पीड़ित ने बताया कि एक व्यक्ति उसकी दुकान पर आया और खुद को पेटीएम कर्मचारी बताते हुए मोबाइल में केवाईसी और सेटिंग अपडेट करने की बात कही। इसी दौरान उसने धोखे से मोबाइल तक पहुंच बनाकर पीड़ित के बैंक खाते से 90 हजार रुपए ट्रांसफर कर लिए।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और ट्रांजैक्शन ट्रेल का विश्लेषण किया। इसके आधार पर थाना साइबर सेंट्रल में 15 मई 2026 को बीएनएस की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआई रविंदर कुमार, हेड कांस्टेबल दीपक और जय किशन की टीम गठित की गई, जिसकी निगरानी साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर योगराज दलाल और एसीपी ऑप्स सेंट्रल पदम सिंह राणा कर रहे थे।

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी निगरानी, बैंक खातों का विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल प्रोफाइलिंग और फाइनेंशियल ट्रेल की मदद से पता लगाया कि ठगी की रकम पंजाब नेशनल बैंक के एक खाते में भेजी गई थी।

इसके बाद केवाईसी दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और मोबाइल नंबरों की जांच से पंचकूला निवासी 22 वर्षीय विशेष सिंह की पहचान हुई। आगे की जांच में खुलासा हुआ कि बैंक खाते, सिम कार्ड और एटीएम किट एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क के जरिए साइबर अपराधियों तक पहुंचाए जा रहे थे।

तकनीकी इनपुट और स्थानीय सूचना के आधार पर पुलिस ने पंचकूला, जीरकपुर और पंजाब-हरियाणा के आसपास के इलाकों में कई छापेमारी की।

आखिरकार 19 मई को पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में पंचकूला निवासी विशेष सिंह, सचिन मौर्य और हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के कोटला कल्लां निवासी आशीष शर्मा शामिल हैं।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे बैंक खाते, एटीएम कार्ड, रजिस्टर्ड सिम कार्ड और बैंकिंग क्रेडेंशियल उपलब्ध कराने के बदले कमीशन लेते थे।

इनका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर और निकासी के लिए किया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अलग-अलग राज्यों में सक्रिय संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क और बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने वालों के बीच बिचौलिये की भूमिका निभा रहे थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। डिजिटल जांच में व्हाट्सएप चैट, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हुई बातचीत, संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी, सिम कार्ड के विवरण और कमीशन बांटने से जुड़े कई अहम सबूत मिले हैं।

पुलिस को आशंका है कि आरोपी कई अन्य साइबर फ्रॉड मामलों से भी जुड़े हो सकते हैं। एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज अन्य शिकायतों से इनके लिंक की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान, ठगी की रकम का पता लगाने और अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटाने के लिए जांच जारी है।

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