मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:15 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली: पुलिस ने इंटरस्टेट साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दिल्ली: पुलिस ने इंटरस्टेट साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को एक इंटरस्टेट साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया और नौकरी ढूंढने वालों को विदेश में नौकरी का लालच देकर ठगने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने गिरफ्तारी के साथ क्राइम से जुड़े मोबाइल फोन, लैपटॉप और कैश भी बरामद किए हैं।

आरोपियों की पहचान गुजरात निवासी केतन दीपक कुमार, पश्चिम बंगाल के संजीब मंडल और गुरुग्राम निवासी बैंक अधिकारी रवि कुमार मिश्रा के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से छह मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और 50 हजार रुपए नकद भी बरामद किए हैं।

यह मामला एके सहाय की शिकायत के बाद शुरू हुआ, जिनकी कोविड-19 महामारी के दौरान नौकरी चली गई थी और वे विदेश में काम ढूंढ रहे थे। उन्हें 'फ्लाईअब्रॉड 6' नाम के एक ग्रुप से एक व्हाट्सएप मैसेज मिला, जिसमें एक व्यक्ति ने खुद को कंपनी का सलाहकार और ग्रुप एडमिन आदेस श्रीवास्तव बताकर न्यूजीलैंड में शेफ या कुक की नौकरी का ऑफर दिया था।

इसके बाद भरोसा दिलाने के लिए आरोपी ने नकली वीजा, नौकरी नियुक्ति पत्र सहित कई दस्तावेज देकर 1.80 लाख रुपए कर जमा करा लिए थे, जिसके बाद आरोपी गायब हो गए।

पुलिस ने बताया कि कंपनी और दस्तावेज की जांच करने पर नियुक्ति पत्र और टिकट समेत सभी दस्तावेज नकली पाए गए। शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू हुई।

इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक की देखरेख और एसीपी विजय पाल तोमर के ओवरऑल गाइडेंस में एसआई अमित कुमार, हेड कांस्टेबल संजय, सोनू कुमार और सचिन की एक स्पेशल टीम बनाई गई।

टीम ने जांच में पाया कि ठगी गई रकम पहले यश बैंक के एक अकाउंट में जमा की गई और बाद में इसको छिपाने के लिए दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर दी गई। जांच में अकाउंट होल्डर्स का पता गुरुग्राम और लोकेशन गुजरात के आनंद जिले में मिली।

पुलिस ने पहले आरोपी दीपक कुमार को 9 नवंबर को ऋषिकेश, उत्तराखंड से गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ के बाद 13 नवंबर को कोलकाता से दूसरे आरोपी संजीब मंडल को गिरफ्तार किया गया। साथ ही तीसरे आरोपी को गुरुग्राम में गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, तीनों ने मिलकर पीड़ितों को फर्जी नौकरी के ऑफर का लालच दिया था।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें